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Russia-Ukraine War: यूक्रेन में शांति के लिए पेरिस में हुई बैठक, मैक्रों बोले- युद्धविराम की दिशा में बड़ा कदम

Wed, 07 Jan 2026 03:19 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को रोकने के लिए पेरिस में हुई सुरक्षा बैठक में 25 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया। मैक्रों ने इस बैठक को युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। बैठक में रूस का यूक्रेन पर आक्रमण रोकने और शांति स्थापित करने की दिशा में अहम चर्चा हुई।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति इ - फोटो : ANI/X- @ZelenskyyUa
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विस्तार
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लगभग चार साल से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष दिन-प्रतिदिन और घातक होता जा रहा है। दूसरी ओर जारी इस संघर्ष में ताबड़तोड़ हमले ने दुनियाभर में चिंता का माहौल बना रखा है। इसी बीच इस संघर्ष को थामने की दिशा में फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई बैठक के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के सहयोगी देशों के साथ पेरिस में हुई सुरक्षा बैठक रूस का यूक्रेन पर आक्रमण रोकने और शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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मैक्रों ने बताया कि पेरिस में हुई इस बैठक में रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम की निगरानी, यूक्रेनी सेना को हथियार और प्रशिक्षण, बहुराष्ट्रीय बल तैनाती और भविष्य में रूस की आक्रामकता रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। इस बैठक में अमेरिका सहित 25 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया।

युद्धविराम का निगरानी करेगा अमेरिका
बता दें कि बैठक में यह तय किया गया कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम की निगरानी अमेरिकी नेतृत्व में की जाएगी। सहयोगी देशों ने यह भी कहा कि युद्धविराम के बाद भी यूक्रेन की सेना को हथियार, प्रशिक्षण और समर्थन जारी रहेगा, ताकि वह भविष्य में रूस की किसी भी आक्रमण को रोक सके।
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बैठक में तय किया गया कि जमीन, समुद्र और हवा में सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, जब युद्धविराम विश्वसनीय तरीके से लागू हो जाएगा। हालांकि, देशों को अभी बाध्यकारी वचन अंतिम रूप से तय करने हैं, ताकि भविष्य में रूस के हमले की स्थिति में यूक्रेन को सहायता दी जा सके।

बैठक में बड़ी संख्या में शामिल हुए राष्ट्राध्यक्ष और सरकारी प्रतिनिधि
मैक्रों ने आगे कहा किइस बैठक में अब तक की सबसे बड़ी संख्या में राष्ट्राध्यक्ष और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए। अमेरिकी प्रतिनिधियों में स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर भी इस बैठक में शामिल हुए। इतना ही नहीं इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी मैक्रों के साथ बैठक की। जेलेंस्की ने यह बताया कि यूरोपीय देशों की सेना का सहयोग और प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस जैसी देशों की सैनिक तैनाती, हथियार और तकनीकी समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि कई देश अपने संसद से मंजूरी लेने के बाद ही सैनिक तैनात कर सकते हैं। इसलिए कुछ देशों की प्रतिबद्धता अभी स्पष्ट नहीं है।

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बैठक में पांच मुख्य मुद्दों पर दिया गया जोर, रूस का क्या है रुख
गौरतलब है कि इस बैठक के दौरान पांच मुख्य मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें युद्धविराम की निगरानी सुनिश्चित करना, यूक्रेनी सेना को दीर्घकालिक समर्थन प्रदान करना और भूमि, समुद्र और हवा में बहुराष्ट्रीय बल की तैनाती शामिल थी। इसके अलावा, भविष्य में रूस की किसी भी आक्रामकता की स्थिति में सुरक्षा वचन सुनिश्चित करने और यूक्रेन के साथ लंबे समय तक रक्षा सहयोग बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, कई महत्वपूर्ण विवरण अभी तय नहीं हुए हैं।

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कुल मिलाकर इस पूरी बैठक और वार्ता का मकसद रूस को युद्धविराम के लिए मजबूर करना और यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, रूस ने अभी तक अपने रुख में कोई बदलाव नहीं दिखाया है और कहा है कि कोई भी युद्धविराम तब तक नहीं होगा जब तक पूरी शांति समझौता तय नहीं हो जाता।

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