रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर रहा है, राजधानी कीव में तो हर तरफ तबाही का मंजर है। वहीं रूस के खिलाफ उसके देश में लोग युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस में युद्ध विरोधी प्रदर्शनों में 4,300 से अधिक हिरासत में लिए गए।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि हमने यूक्रेन में रूसी बलों की ओर से नागरिकों के हमलों को लेकर बहुत विश्वसनीय रिपोर्ट देखी हैं। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन इन रिपोर्ट्स का दस्तावेजीकरण कर रहा है ताकि संबंधित संगठन इस बात की जांच कर सकें कि यूक्रेन में युद्ध अपराध हुए या नहीं।
यूक्रेन के मारियुपोल शहर से नागरिकों को निकालने के लिए एक मानवीय कॉरिडोर बनाने में रविवार को भी नाकाम रहने के बाद रूस समर्थित अलगाववादियों और यूक्रेन के नेशनल गार्ड ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। इससे पहले शनिवार को भी ऐसी ही एक कोशिश असफल रही थी।
यूनाइटेड किंगडम (यूके) के विश्वविद्यालयों ने कहा है कि हमारी प्राथमिकता यूक्रेनी छात्रों को मदद उपलब्ध कराना है, लेकिन इसके साथ ही हम उन रूसी छात्रों से संपर्क भी कर रहे हैं जो अकेला महसूस कर रहे हैं लेकिन मदद नहीं मांग पा रहे हैं। ससेक्स यूनिवर्सिटी के साइंस पॉलिसी रिसर्च यूनिटी में प्रोफेसर पॉल नाइटिंगेल का कहना है कि सभी यह कहना बेवकूफी भरा होगा कि हम सभी रूसी छात्रों को निकाल देना चाहिए। यूके में मौजूद अधिकतर रूसी छात्र पुतिन विरोधी हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पिछले 10 दिनों में 15 लाख से ज्यादा लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में यह सबसे तेजी से बढ़ता शरणार्थी संकट है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त फिलिपो ग्रांडी ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी।
यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री ओल्हा स्टेफनिशिना ने कहा है कि युद्ध विराम पर समझौतों के बाद भी यूक्रेन रूस की बातों पर कभी भरोसा नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग और यहां के नेता रूस की प्लेबुक को अच्छी तरह से जानते हैं। उन्होंने यूक्रेन को ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित करने से इनकार करने के लिए पश्चिमी नेताओं को भी निशाने पर लिया।
हंगरी में भारतीय दूतावास की ओर से जानकारी दी गई है कि, यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए बुडापेस्ट में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहीं दूतावास की ओर से हंगरी-यूक्रेन सीमा पर टीमों को तैनात किया गया है। 150 से अधिक स्वयंसेवक भी भारतीयों को निकालने में मदद कर रहे हैं।
हंगरी में भारतीय दूतावास की ओर से अपील की गई है कि, जो भी भारतीय यूक्रेन से हंगरी आए हैं। वे सभी सुबह 10 से 12 बजे के बीच हंगरिया सिटी सेंटर पहुंचें। दूतावास की ओर से कहा गया है कि, ऑपरेशन गंगा के तहत उसकी उड़ानें अपने अंतिम चरण में हैं।
रूसी सेना की ओर से तेज हमलों के बीच लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक की ओर से दावा किया गया है कि उसने यूक्रेन की 54 बस्तियों पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है।
जंग के बीच डोनेत्स्क रिपब्लिक पीपुल्स ने दावा किया है कि, पिछले 24 घंटों में यूक्रेनी सैनिकों की ओर से की गई गोलीबारी में 15 नागरिकों की मौत हो गई।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच क्रीमिया से भारतीय छात्रों का एक दल दिल्ली लौट आया। छात्रों का कहना है कि फिलहाल क्रीमिया में स्थिति सामान्य है। हालांकि, युद्ध के बीच हम लोग पहले ही लौट आए हैं। कॉलेज प्रशासन ने हमें ऑनलाइन कक्षाओं के लिए अनुमति दे दी है।
यूक्रेन के जाइतोमिर में रूस ने मिसाइल हमला किया है। यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस के अनुसार, कोरोस्तेन मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस मिसाइल हमले में एक की मौत हो गई तो वहीं दो लोग घायल हो गए हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की को हराने के लिए ब्रिटेन ने छह सूत्रीय योजना तैयार की है। जॉनसन ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग से छह सूत्रीय योजना बनाई है, उनका कहना है कि हमें यूक्रेन के समर्थन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवयी गठबंधन बनाना होगा।
रूस-यूकेन की जंग को आज 11वां दिन है। इस बीच दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की बातचीत सोमवार को होनी है। इससे पहले भी दो बार दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत हुई है, लेकिन नतीजा शून्य रहा है। हालांकि, इस बातचीत से पहले पुतिन की ओर से नागरिकों को निकालने के लिए सीजफायर का एलान किया गया था।
दिल्ली: यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर एक विशेष विमान दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा। यूक्रेन से वापस लौटे एक छात्र ने विमान से उतरने के बाद कहा, "वापस आकर काफी अच्छा लग रहा है, पहले लग नहीं रहा था कि हम यहां पहुंच पाएंगे लेकिन अब यहां पहुंचकर खुशी हो रही है। मैं भारत सरकार का धन्यवाद करता हूं।"