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मुआवजे के लिए सैनिकों से शादी कर रहीं महिलाएं: रूस में चल रहा गजब खेल, अस्पताल और सेना पर भी मिलीभगत के आरोप

Fri, 07 Aug 2026 05:17 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस में सैनिकों के नाम पर कथित फर्जी शादियों का मामला चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने युद्ध पर जाने वाले या घायल सैनिकों से जल्दबाजी में विवाह कर उनकी मृत्यु के बाद मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता हासिल की। आरोपों में अस्पताल कर्मियों और अन्य लोगों की संभावित मिलीभगत का भी जिक्र है।
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रूस-यूक्रेन संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/Adobe Stock
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विस्तार
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यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस में एक नया घोटाला सामने आया है। सीएनएन की रिपोर्ट के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां महिलाएं युद्ध पर जा रहे सैनिकों से जल्दबाजी में शादी कर रही हैं और उनकी मौत के बाद मिलने वाला सरकारी मुआवजा हड़प जा रही है। रूस में हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सैनिकों ने मोर्चे पर जाने से ठीक पहले या अस्पताल में मौत से पहले शादी की।
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इस पूरे घोटाले में सिर्फ महिलाएं व युवतियां ही नहीं, अस्पताल से लेकर सेना तक पर मिलीभगत के आरोप हैं। सबसे चर्चित मामला एक सैन्य अस्पताल में कार्यरत नर्स का है, जिस पर आरोप है कि उसने इलाज करा रहे पांच घायल सैनिकों से अलग-अलग समय पर शादी की। वह सैनिकों की मौत के बाद उनका मुआवजा लेना चाहती थी। एजेंसी

पिता की मौत के बाद बेटी को पता चला-दो दिन पहले हुई थी शादी
सेंट पीटर्सबर्ग की रहने वाली 37 वर्षीय मारिया ने सीएनएन को बताया कि जब उनके 59 वर्षीय पिता यूरी की यूक्रेन युद्ध में मौत हुई, तब मिलिट्री अधिकारियों से उन्हें पता चला कि उनके पिता ने मोर्चे पर जाने से ठीक दो दिन पहले अपने से 22 साल छोटी एक अनजान महिला से गुपचुप शादी कर ली थी। इस फर्जी शादी के कारण सरकार से मिलने वाला सारा मुआवजा (डेथ पेआउट) उस अनजान महिला को मिल गया। मारिया का आरोप है कि उनके पिता के साथ धोखा हुआ।
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सैनिक की मौत पर रूस में मिलती है 62 लाख रुपये की मदद 
रूस में युद्ध में मारे गए सैनिक के परिवार को सरकार की ओर से कम से कम 50 लाख रूबल (करीब 62 लाख भारतीय रुपये) की एकमुश्त मदद मिलती है। कई अन्य भुगतान और बीमा जोड़ दिए जाएं तो यह रकम और भी ज्यादा हो जाती है। इसी के लालच में महिलाएं अकेले, बुजुर्ग या कमजोर सैनिकों को शादी के लिए फंसाती हैं।

युद्ध शुरू होने के बाद शादी के नियम हुए आसान
2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस ने सेना में भर्ती होने वाले लोगों के लिए शादी के नियम आसान कर दिए। आमतौर पर रूस में शादी के लिए आवेदन देने के बाद कुछ समय इंतजार करना पड़ता है, लेकिन युद्ध के दौरान इस प्रक्रिया में छूट दे दी गई। नए सैनिक चाहें तो भर्ती के तुरंत बाद शादी कर सकते थे। सरकार का मानना था कि इससे सैनिकों को परिवार का सहारा मिलेगा।
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