ईयू के 27 सदस्य देशों की ओर से जारी एक बयान में बोरेल ने कहा, सभी उपलब्ध जानकारी व सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि रिसाव जानबूझकर किए गए कृत्यों का परिणाम है।
रूस से जर्मनी के तक जाने वाली प्राकृतिक गैस पाइपालइन में रिसाव की खबर के बाद यूरोपीय संघ भड़क उठा है। उसने इसको लेकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि संदेह है कि पानी के नीचे बनी दो प्राकृतिक गैस पाइपलाइन को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया।
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ईयू के 27 सदस्य देशों की ओर से जारी एक बयान में बोरेल ने कहा, सभी उपलब्ध जानकारी व सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि रिसाव जानबूझकर किए गए कृत्यों का परिणाम है। उन्होंने कहा, यूरोपीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे में जानबूझकर कोई भी व्यवधान डालने की कोशिश पूरी तरह से अस्वीकार्य है। एकजुटता से इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
दरअसल, भू-वैज्ञानिकों ने मंगलवार को बताया था कि बाल्टिक सागर में विस्फोटों से पहले रूस से जर्मनी तक जाने वाली पानी के नीचे बनी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में रिसाव की जानकारी मिली है।
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गैस रिसाव पर डेनमार्क का बड़ा बयान
डेनमार्क के एक अधिकारी ने बताया कि बाल्टिक सागर में ‘नॉर्ड स्ट्रीम’ गैस रिसाव की मात्रा डेनमार्क के कुल वार्षिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के एक तिहाई के बराबर हो सकती है। यहां की ऊर्जा एजेंसी ‘डेनिश एनर्जी एजेंसी’ के प्रमुख क्रिस्टोफर बोत्जाव ने कहा कि ‘नॉर्ड स्ट्रीम’ 1 और 2 पाइपलाइन पर तीन गैस रिसाव से होने वाला उत्सर्जन उनके देश के सालाना कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन के लगभग 32 फीसदी के समान है। 2020 में डेनमार्क का उत्सर्जन करीब 4.5 लाख टन सीओ2 था।