अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के यूक्रेन को एक अरब डॉलर की सैन्य सहायता देने की घोषणा के बाद रूस ने मध्य यूक्रेन पर एयर स्ट्राइक की है। इस हमले में नागरिकों के हताहल होने की खबर है। न्यूज एजेंसी एएफपी ने निप्रॉपेट्रोस्क क्षेत्र गवर्नर के हवाले से बताया, रूसी हमले में कम से कम 13 नागरिकों की मौत हुई है।
दरअसल, सोमवार को ही अमेरिका ने यूक्रेन को और सैन्य सहायता देने की घोषणा की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय से यूक्रेन के सशस्त्र बलों को प्रत्यक्ष रूप से दी जाने वाली रॉकेट, गोलाबारूद और अन्य हथियारों की सबसे बड़ी आपूर्ति होगी।
क्रीमिया एयरबेस पर भीषण धमाके, 1 की मौत
पिछले 165 दिनों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी कब्जे वाले क्रीमिया की एक तस्वीर में बड़ा धमाका देखा जा रहा है। इस धमाके में एक शख्स की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। यह धमाका नोवोफेडोरिव्का गांव के पास रूसी नौसेना के साकी एयरबेस पर धमाका हुआ। यूक्रेन के एक अधिकारी ने कहा कि इस धमाके के पीछे यूक्रेनी सेना का हाथ है।
बुधवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि यह घटना देर शाम हुई, लेकिन इस हादसे में कोई भी विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। हालांकि आग बुझाने के उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि मंत्रालय ने काला सागर में साकी अड्डे पर गोलाबारी से इनकार कर दिया और कहा कि वहां पर युद्ध संबंधी सामग्री को नष्ट किया गया है।
जबकि यूक्रेन द्वारा दागी गई लंबी दूरी की मिसाइल के कारण विस्फोट होने संबंधी बयान के बारे में रूस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। तस्वीर में विस्फोटों से बना धुएं के विशाल बादल नजर आ रहे हैं। ‘क्रीमिया टूडे न्यूज’ के मुताबिक, चश्मदीदों ने बताया कि रनवे पर आग लग गई और दर्जनों धमाकों की वजह से आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। लेकिन लड़ाकू विमानों को कोई क्षति नहीं पहुंची है।
इस्तेमाल किया गया हथियार यूक्रेन में बना
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने मंत्रालय के अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रारंभिक जांच में ‘सुरक्षा उपायों के उल्लंघन’ के कारण धमाके की बात सामने आई है। जबकि अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर संवेदशील सैन्य मामलों पर दावा किया, यह एक हवाई ठिकाना है। दक्षिणी थिएटर में हमारी सेना पर हमला करने के लिए ये नियमित तौर पर यहीं से उड़ान भर रहे थे। इस हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल हुआ है इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारी का दावा है कि इस्तेमाल किए गए हथियार को यूक्रेन में बनाया गया था।
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने किया कटाक्ष
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने फेसबुक पर व्यंग्य किया, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय आग के कारण का पता नहीं लगा पा रहा है, लेकिन यह एक बार फिर अग्नि सुरक्षा के नियमों और अनिर्दिष्ट स्थानों में धूम्रपान निषेध होने के नियमों की ओर ध्यान खींचता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्तोविच ने रहस्यमय ढंग से कहा, ये धमाके या तो यूक्रेन के लंबी दूरी के हथियार के कारण हुए या यह क्रीमिया में सक्रिय कट्टरपंथियों का काम है।
रूस की विमानन रेजिमेंट यहीं तैनात
2014 से रूस पर नियंत्रण के बाद से ही नोवोफेडोरिव्का स्थित साकी एयरबेस पर रूसी सेना का कब्जा है। रूसी नौसेना की 43वीं स्वतंत्र नौसेना हमला विमानन रेजिमेंट यहीं तैनात है। इस ठिकाने पर 12 सुखोई, 30एमएस, छह एसयू-24एमआरएस शामिल हैं। ये रेजिमेंट 2021 में काला सागर में नाटो सैन्य बलों के साथ कई मुठभेड़ कर चुकी है। यह ठिकाना अभी युद्धस्थल से 200 किमी दूर है। जबकि यूक्रेनी लंबी दूरी के रॉकेट 70 किमी तक जा सकते हैं।
फिनलैंड-स्वीडन की नाटो सदस्यता को अमेरिका की औपचारिक मंजूरी
फिनलैंड और स्वीडन को औपचारिक रूप से नाटो की सदस्यता मिल चुकी है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने इंस्ट्रूमेंट ऑफ रेटिफिकेशन दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब दोनों देश नाटो के सदस्य माने जाने लगेंगे। इस मौके पर बाइडन ने गठबंधन की मजबूती को रेखांकित किया। गत सप्ताह नाटो के विस्तार के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया। नाटो के 30 सदस्य देशों में अमेरिका 23वां देश रहा, जिसने फिनलैंड और स्वीडन के विलय को मंजूरी दी है।