यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस के ताजा हमलों ने एक बार फिर युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता को सामने ला दिया है। कम से कम छह लोग मारे गए और कई इलाकों की ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका की ओर से शांति योजना पर जारी बातचीत नए मोड़ पर पहुंच रही है और युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं।
अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने अबू धाबी में रूसी अधिकारियों के साथ कई घंटे वार्ता की। वे हाल ही में अमेरिकी टीम में शामिल हुए हैं और शांति समझौते की शर्तों पर चर्चा का नेतृत्व कर रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक यूक्रेन इन बातचीत से अवगत है और सभी पक्ष जल्द से जल्द संघर्ष रोकने के लिए एक रास्ता तलाशना चाहते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी कहा कि जिनेवा में हुए अमेरिकी-यूक्रेनी प्रतिनिधियों के बीच संवाद के बाद समाधान की दिशा में कदम संभव दिख रहे हैं।
कीव में तबाही और नागरिकों की चिंता
रूस ने रातभर में 22 मिसाइलें और 460 से अधिक ड्रोन दागे। कीव के कई हिस्सों में पानी, बिजली और हीट सप्लाई बाधित हो गई। पूर्वी दिनीप्रोवस्की जिले में एक नौ मंजिला इमारत धू-धू कर जल उठी। मेयर विटाली क्लिचको ने बताया कि इस क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई। 90 वर्षीया ल्यूबोव पेत्रिवना ने बताया कि उनके घर का सब कुछ टूट गया और उन पर कांच बरसा। उन्हें शांति योजना पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि पुतिन तब तक नहीं रुकेंगे जब तक सब खत्म न कर दें।
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दोनों तरफ बढ़ी जवाबी कार्रवाई
इसी बीच यूक्रेन के ड्रोन हमले में दक्षिण रूस के रोस्तोव क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई और आठ घायल हुए। टैगानरोग शहर में कई घर, बहुमंजिला इमारतें, एक वेयरहाउस और अन्य ढांचे क्षतिग्रस्त हुए। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार 249 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए, जिनमें 116 ब्लैक सी क्षेत्र में थे। यह रूस पर अब तक के चौथे सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया गया।
रोमानिया-मोल्दोवा में ड्रोन की घुसपैठ
यूक्रेन के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि कई ऊर्जा प्रतिष्ठान हमलों की चपेट में आए, जबकि ओडेसा क्षेत्र में बंदरगाह और ऊर्जा ढांचे पर हमले में दो बच्चों सहित छह लोग घायल हुए। पड़ोसी रोमानिया और मोल्दोवा ने बताया कि कुछ ड्रोन उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर गए। यह घटनाएं क्षेत्र में संघर्ष के व्यापक असर को दिखाती हैं।
यूरोपीय नेताओं की चेतावनी
स्विट्जरलैंड में अमेरिकी और यूक्रेनी प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चाओं को रचनात्मक बताया गया है, लेकिन यूरोपीय नेताओं ने चेताया है कि शांति का रास्ता आसान नहीं होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका की योजना सही दिशा में है, लेकिन यह किसी भी रूप में समर्पण नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा और उसकी सेना की क्षमता सीमित नहीं होनी चाहिए। मैक्रों के अनुसार एकमात्र पक्ष जो शांति नहीं चाहता, वह रूस है।
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