यूक्रेन के मैरियूपोल शहर के बाहर अजोवस्तल स्टील संयंत्र से यूक्रेनी बलों और नागरिकों की निकासी के बाद अब पूरे शहर पर रूसी कब्जा तय हो गया है। रूस इन यूक्रेनी सैनिकों को यूक्रेन के हवाले करने के बजाय 88 किमी दूर अपने कब्जे वाले क्षेत्र ओलेनिवका में ले जा रहा है। इस मामले में यूक्रेन खामोश है और उसे उम्मीद है कि रूस अपने युद्धबंदियों के बदले यूक्रेनी लड़ाके उसे सौंपेगा लेकिन इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
फिलहाल मैरियूपोल शहर को नियंत्रण में लेने की औपचारिक घोषणा बाकी है, जबकि शहर का ज्यादातर हिस्सा गोलाबारी के कारण बर्बाद हो चुका है। रूस ने कहा कि अजोवस्तल स्टील संयंत्र से आत्मसमर्पण के बाद 700 और सैनिकों को रूस के कब्जे वाले शहर में ले जाया गया है। इनमें से कई सैनिक बुरी तरह घायल हैं और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर निकाला गया। रूस इसे समर्पण बता रहा है लेकिन यूक्रेन का कहना है कि संयंत्र में तैनात सैनिकों का अभियान पूरा हो गया और अब उन्हें नए आदेश दिए गए हैं। यूक्रेन को उम्मीद है कि उसके लड़ाकों के बदले में रूस अपने युद्धबंदियों को वापस ले सकता है लेकिन रूसी संसद के निचले सदन के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने कहा कि सैनिकों के बीच ‘युद्ध अपराधी’ हैं और उनके बदले किसी को नहीं लिया जाना चाहिए बल्कि उन पर मुकदमा चलना चाहिए।
मैरियूपोल संयंत्र से गए 959 यूक्रेनी सैनिक: रूस
रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनशेनकोव ने कहा है कि मैरियूपोल शहर में यूक्रेन के कब्जे वाले आखिरी क्षेत्र में छिपे उसके करीब एक हजार सैनिक वहां से चले गए हैं। उन्होंने कहा, गत 24 घंटों में अजोवस्तल इस्पात संयंत्र में यूक्रेन के 694 सैनिकों ने आत्म समर्पण किया है। इसके बाद इस सप्ताह संयंत्र छोड़ने वाले यूक्रेन के सैनिकों की संख्या 959 हो गई है। यूक्रेन ने नई संख्या की फिलहाल पुष्टि नहीं की है।
स्वीडन-फिनलैंड का बड़ा फैसला
नाटो के महासचिव जींस स्टोल्टनबर्ग ने कहा कि फिनलैंड और स्वीडन ने नाटो में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन दे दिया है। दोनों देशों ने यूक्रेन पर रूसी हमले से बढ़ी चिंताओं के बीच यह कदम उठाया है। स्टोल्टनबर्ग ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, अब इन आवेदनों को कम से कम 30 सदस्य देशों की मंजूरी मिलना जरूरी है। पूरी प्रक्रिया में दो सप्ताह का वक्त लग सकता है, हालांकि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगॉन फिनलैंड और स्वीडन को नाटो में शामिल करने को लेकर आपत्ति जता चुके हैं। यदि आपत्तियां दूर हुईं तो 8 से 12 माह में दोनों देश नाटो सदस्य हो जाएंगे।
कनाडा ने पुतिन व 1000 रूसियों का प्रवेश रोका
टोरंटो। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देशों के क्रम में शामिल होते हुए कनाडा ने भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत करीब 1,000 रूसी नागरिकों के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। कनाडाई सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री मार्को मेंडिसिनो ने कहा, पुतिन शासन के क्रूह हमले के सामने हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं। हम रूस को उसके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराएंगे।
ऑस्ट्रेलिया ने रुसी पत्रकारों पर लगाया प्रतिबंध
ऑस्ट्रेलिया ने रूसी पत्रकारों, अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। नई सूची में रूस के कई पत्रकार व सिविल सेवक शामिल हैं। इन प्रतिबंधों में दिमित्री किसेलेव, सर्गेई कोरोल्योव जैसे वरिष्ठ अफसर और रूसी युद्ध संवाददाता येवगेनी पोद्दुबनी तथा मिखाइल लियोन्टीव शामिल हैं।
पुतिन ने चेताया, रूसी तेल पर प्रतिबंध का मूल्य चुकाएगा यूरोप
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि यदि पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाया तो यूरोप को ऊर्जा के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि संभावित प्रतिबंध की कवायदों ने पहले ही विश्व स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं। पुतिन ने दावा किया कि राजनीतिक कारणों के चलते पश्चिम ने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं जबकि कुछ यूरोपीय देश ऊर्जा के लिए रूस पर बड़ी हद तक निर्भर हैं।