रूस ने अपने कब्जे में आए यूक्रेन के क्षेत्रों में शुक्रवार से जबरन जनमत सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इन इलाकों पर कब्जे को वैधता दिलाने के लिए यह कवायद कर रहे हैं। उधर, अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने इस सर्वेक्षण को अमान्य बताकर इसे खारिज किया है।
यूक्रेन का कहना है, इस सर्वेक्षण में सिर्फ अलगाववादी ही भाग ले रहे हैं। क्रेमलिन द्वारा यह सर्वेक्षण लुहांस्क, दोनेस्क, खेरसॉन व जपोरिझिया क्षेत्रों में कराया जा रहा है। क्रेमलिन द्वारा कराए जा रहे इस जनमत संग्रह की यूक्रेन व पश्चिमी देशों ने व्यापक निंदा की है। यूक्रेन ने इसे बिना किसी कानूनी बल के की गई कार्रवाई करार दिया।
जनमत संग्रह को रूस द्वारा क्षेत्र के कब्जे की ओर बढ़ाये गए एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि लुहांस्क, दोनेस्क और जपोरिझिया के कई क्षेत्रों में यूक्रेनी बलों ने बढ़त बना ली है जबकि रूस चाहता है कि जो इलाके अब भी उसके कब्जे में हैं वहीं जनमत करा लिया जाए, ताकि इस पर वह अपना कब्जा कानूनी तौर पर जमा सके। अलगाववादी नेता दानिश पुशिलिन ने इन जनमत संग्रह को ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया।
मेक्सिको ने रखा मोदी, पोप और गुटेरस की सदस्यता वाली समिति का प्रस्ताव
मेक्सिको ने रूस-यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोप फ्रांसिस और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस की सदस्यता वाली एक समिति के गठन का प्रस्ताव रखा है। मेक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो लुइस एब्रार्ड कासौबोन ने यह प्रस्ताव रखा। समिति का लक्ष्य, वार्ता के लिए नया तंत्र बनाने, तनाव घटाने व स्थायी शांति के उद्देश्य से मध्यस्थता के लिए उचित रास्ता बनाना होगा। उज्बेकिस्तान में मोदी के बयानों का अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों ने स्वागत किया है। एजेंसी
‘शांतिपूर्ण समाधान’ के सभी अनुकूल प्रयासों को ब्रिक्स का समर्थन
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह ‘ब्रिक्स’ ने यूक्रेन में स्थिति के ‘शांतिपूर्ण समाधान’ के लिए सभी अनुकूल प्रयासों का समर्थन करते हुए दुनिया में बढ़ते व जारी संघर्षों पर चिंता जताई है।