रूस ने भारत के लिए एस-400 मिसाइल सिस्टम का निर्माण शुरू कर दिया है। रूस के उद्योग और व्यापार मंत्री डेनिस मांतुरोव ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली के निर्माण होने की जानकारी दी। रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने मांतुरोव के हवाले से कहा कि रूस की प्रमुख वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली कंपनी अल्माज-एंटी ने भारत के लिए एस-400 का निर्माण शुरू कर दिया है।
रूस अनुबंध की निर्धारित समय सीमा के अंदर एस -400 भारत को सौंप देगा। अभी भुगतान सहित सभी प्रतिबद्धताएं पूरी की जा रही हैं। भारत ने दीर्घकालिक सुरक्षा जरूरतों के लिए 5 अक्तूबर, 2018 को नई दिल्ली में 19 वें भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय सम्मेलन के दौरान पांच एस -400 प्रणालियों की खरीद के लिए रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पिछले माह रूसी राजनयिक रोमन बाबुशकिन ने 2025 तक भारत को पांच एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सौंपने की बात कही थी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एस -400 को लेकर एक डील हुई थी। जिसके तहत यह तय हुआ था कि यह मिसाइल भारतीय वायु सेना को सौंपी जाएगी। इस डील से पहले भी भारत और रूस के बीच इस मिसाइल को लेकर एक डील हुई थी जिसमें रूस ने भारत को एस-400 साल 2020 में देने की बात कही थी। जो भारत को समय पर नहीं मिल सका था।
लेकिन इस बार हुई नई डील के मुताबिक रूस भारत को यह सिस्टम साल 2025 तक दे देगा। माना जा रहा है कि एस-400 एस-300 से ही मिलता जुलता है। यह सिस्टम पहले केवल रूस की सुरक्षा सेनाओं के लिए ही था, लेकिन अब यह भारत को भी मिल सकेगा।