काला सागर के तट पर स्थित यूक्रेनी बंदगाहों से अन्य देशों में जाने वाले खाद्यान्न से लदे यूक्रेन के जहाजों को रास्ता देने के लिए रुस तैयार हो गया है। जिसे लेकर यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान सामने आया है। अर्सला ने रुस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आद्यान्न को हथियार बनाकर दुनिया की मुश्किलें बढ़ाने में लगा है।
रुसी विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने बताया कि उन्होंने इसे लेकर काला सागर में तैनात अपनी नैसेना को आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि रुसी सेना ने काला सागर के तट पर स्थित यूक्रेनी बंदरगाहों पर कब्जा किया हुआ है। जिस वजह से वहां आने-जाने वाले हर तरह के जहाजों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। रुस-यूक्रेन के बीच तीन महीने से युद्ध जारी है। जिस वजह से पिछले तीन महीने से वहां से गेहूं की आपूर्ति बंद है। जिसके चलते दुनिया में खाद्यान्न संकट पैदा होने लगा है।
युद्ध में यूक्रेन के 4,200 से ज्यादा नागरिकों की मौत
रूस-यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुए तीन महीने पूरे हो गए। इस युद्ध में यूक्रेन के 4,200 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है। 5,500 से ज्यादा नागरिक घायल हैं। यूक्रेन का दावा है कि अब तक रूस के 29 हजार से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं।
75 लाख लोगों ने यूक्रेन छोड़ा
रूस से चल रहे युद्ध के बीच 75 लाख से ज्यादा लोग यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हो गए। करीब 43 लाख से ज्यादा लोगों ने पड़ोसी देश पोलैंड में शरण ली है। इसके अलावा 9.43 लाख लोग रोमानिया, 6.26 लाख लोग अपना देश छोड़कर हंग्री में रहने को मजबूर हैं।