आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान को रूस ने सख्त संदेश दिया है। रूस ने साफ किया है कि भारत-पाकिस्तान विवाद में वो किसी भी तरह का मध्यस्थता नहीं करेगा। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विवाद को दोनों देशों को द्विपक्षीय रूप से सुलझाना होगा और रूस केवल तभी मदद करेगा जब कोई विशेष अनुरोध करे।
दुनियाभर में कटोरा लेकर घूम रहे आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान को अब रूस ने भी सख्त सलाह दी है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार से मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाएगा। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विवाद को दोनों देशों को स्वयं द्विपक्षीय रूप से सुलझाना चाहिए और रूस केवल तभी मदद करेगा जब कोई देश विशेष रूप से अनुरोध करे। कुल मिलाकर देखा जाए तो रूस का यह बयान एक तरफ भारत के लिए कूटनीतिक सहारा है। तो दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए सख्त संदेश है कि तनाव का समाधान स्वयं से बातचीत कर निकाले, ना कि मदद की गुहार लगाने के लिए दूसरे देशों की चौखट पर जाए।
रूस का संदेश, पाकिस्तान को दो टूक
कुल मिलाकर, रूस का रुख स्पष्ट है कि राजनीतिक विवाद पाकिस्तान और भारत के बीच द्विपक्षीय होना चाहिए और रूस केवल मदद के लिए उपलब्ध रहेगा अगर कोई देश विशेष रूप से उसकी सहायता मांगे। भारत के लिए यह स्थिति कूटनीतिक रूप से फायदेमंद है क्योंकि बड़ा खिलाड़ी रूस, पाकिस्तान को समर्थन नहीं दे रहा।
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