रूस और मोल्दोवा के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और इसका प्रमुख कारण है यूरोपीय संघ। दरअसल, मोल्दोवा यूरोपीय संघ में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर चुका है, लेकिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन ऐसा नहीं चाहते हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच करीब एक साल पहले शुरू हुआ संघर्ष अब तक जारी है। दोनों देशों के बीच जंग ने हजारों जानें ले ली हैं। कई शहर बर्बाद हो गए हैं और दुनिया ने भयानक तबाही देखी है। इस बीच रूस का मोल्दोवा के साथ भी विवाद शुरू हो गया है। यूक्रेन और रोमानिया के बीच बसे इस छोटे से देश का रूस के साथ क्या है झगड़ा? आइए जानते हैं...
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यूरोपीय संघ बना विवाद की जड़
रूस और मोल्दोवा के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और इसका प्रमुख कारण है यूरोपीय संघ। दरअसल, मोल्दोवा यूरोपीय संघ में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर चुका है, लेकिन रूसी राष्ट्रपति पुतिन ऐसा नहीं चाहते हैं। इस बीच मोल्दोवा के राष्ट्रपति मैया सैंडू ने दावा किया है कि क्रेमलिन उनके देश में तख्तापलट की साजिश रच रहा है।
क्या हिंसक आंदोलन को समर्थन कर रहे पुतिन
बीते सोमवार को मोल्दोवा के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि उनके देश सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रूस कथित रूप से समर्थन कर रहा है। पुतिन चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी, मोल्दोवा की यूरोप समर्थक सरकार को उखाड़ फेंके। हालांकि, क्रेमलिन ने इन आरोपों का खंडन किया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम दुनिया के किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं।
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अब मोल्दोवा के बारे में जान लें
रूस क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा देश है, तो मोल्दोवा उसकी तुलना में काफी छोटा है। इसका क्षेत्रफल 33,851 वर्ग किलोमीटर है और यहां की आबादी 22 मिलियन है। बीते साल फरवरी में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद से मोल्दोवा की सीमाएं काफी अशांत हैं। मोल्दोवा ने कई बार दावा किया है कि यूक्रेन पर दागी गईं मिसाइलों के मलबे उसके देश में गिरे हैं।