रूस और यूक्रेन संघर्ष को अब तीन साल पूरे होने वाले हैं। जहां रूस ने अपनी सेना के तेज हमलों के बल पर यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा करने में सफल हुआ है, वहीं यूक्रेन भी रूस के कुछ इलाकों में हमले कर राष्ट्रपति पुतिन को समझौते के लिए मजबूर करने की कोशिशें में जुटा है। इस बीच शनिवार को रूस में कुछ ऐसा हुआ, जिससे इस युद्ध के नया मोड़ लेने की संभावना है।
दरअसल, यूक्रेन के कुछ ड्रोन्स ने न सिर्फ रूस की सीमा को पार किया, बल्कि सीमा से 1379 किलोमीटर उस कजान शहर तक पहुंच गए, जहां इसी साल रूस ने ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी की थी। इतना ही नहीं इन ड्रोन्स ने रूस पर हमलों को बिल्कुल उसी तरह अंजाम दिया, जैसे आतंकी संगठन अल-कायदा ने अमेरिका के खिलाफ 2001 में 9/11 हमलों को अंजाम दिया था। यूक्रेन के कम से कम तीन ड्रोन्स कजान में सीधा तीन रिहायशी इमारतों में घुस गए। इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यूक्रेन ने कैसे रूस के अंदर कजान शहर में हमला बोल दिया? इसके अलावा यह ड्रोन हैं क्या, जिन्हें यूक्रेन युद्ध के दौरान पहचान मिली है? आइये जानते हैं...
यूक्रेन ने रूस पर बोला हमला।
- फोटो : X/@JanR210
रूस और यूक्रेन संघर्ष को अब तीन साल पूरे होने वाले हैं। जहां रूस ने अपनी सेना के तेज हमलों के बल पर यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा करने में सफल हुआ है, वहीं यूक्रेन भी रूस के कुछ इलाकों में हमले कर राष्ट्रपति पुतिन को समझौते के लिए मजबूर करने की कोशिशें में जुटा है। इस बीच शनिवार को रूस में कुछ ऐसा हुआ, जिससे इस युद्ध के नया मोड़ लेने की संभावना है।
दरअसल, यूक्रेन के कुछ ड्रोन्स ने न सिर्फ रूस की सीमा को पार किया, बल्कि सीमा से 1379 किलोमीटर उस कजान शहर तक पहुंच गए, जहां इसी साल रूस ने ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी की थी। इतना ही नहीं इन ड्रोन्स ने रूस पर हमलों को बिल्कुल उसी तरह अंजाम दिया, जैसे आतंकी संगठन अल-कायदा ने अमेरिका के खिलाफ 2001 में 9/11 हमलों को अंजाम दिया था। यूक्रेन के कम से कम तीन ड्रोन्स कजान में सीधा तीन रिहायशी इमारतों में घुस गए। इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यूक्रेन ने कैसे रूस के अंदर कजान शहर में हमला बोल दिया? इसके अलावा यह ड्रोन हैं क्या, जिन्हें यूक्रेन युद्ध के दौरान पहचान मिली है? आइये जानते हैं...
यूक्रेन ने कैसे दिया रूस में हमलों को अंजाम?
रूस के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह ही यूक्रेन के आठ ड्रोन्स सीमा पार करते हुए रूस में 1369 किलोमीटर अंदर तातरस्तान की राजधानी कजान शहर तक पहुंच गए। इनमें से छह ड्रोन्स ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। बताया गया है कि तीन ड्रोन्स सीधा इमारतों में जा घुसे और तबाही मचाई। इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर कुछ स्कूलों को भी खाली करा लिया गया और बच्चों को सुरक्षित करने के लिए बेसमेंट में पहुंचाया गया।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में अभी किसी की जान नहीं गई है। इस घटना के ठीक बाद ही हमले का शिकार हुई इमारतों से लोगों को निकाल लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पहले ऐसी कुछ घटनाएं यूक्रेनी सीमा के पास ही होती थीं। हालांकि, अब यूक्रेन के कामिकाजे ड्रोन्स मॉस्को और इससे आगे तक आने में कामयाब हो गए हैं।
यूक्रेन ने फिलहाल रूस के अंदर कई इलाकों को नियंत्रित किया है। उसकी सेना रूस के कजान शहर से करीब 900 किलोमीटर दूर एक क्षेत्र पर कब्जा कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि यूक्रेन ने इसी क्षेत्र से कजान में हमले के लिए ड्रोन भेजा।
यूक्रेन ने किन ड्रोन्स के जरिए रूस पर बोला हमला?
रूस के खिलाफ यूक्रेन की तरफ से कामिकाजे ड्रोन्स के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है। रूसी सैन्य अफसरों के मुताबिक, इस हमले के बाद भी यूक्रेन ने तीन लहरों में फिक्स्ड विंग्स ड्रोन भेजे थे। रूस का कहना है कि इनमें से तीन को एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से मार गिराया गया। इसके अलावा तीन और को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के जरिए तबाह कर दिया गया।
बताया गया है कि रूस पर हमला करने के लिए यूक्रेन जिन ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहा है, उनमें कामिकाजे ड्रोन्स सबसे आगे हैं। इन्हें लॉइटरिंग म्यूनिशन या सुसाइड ड्रोन्स भी कहा जाता है। युद्ध क्षेत्र में गेम-चेंजर का काम करने वाला कामिकाजे ड्रोन अपने लक्ष्य पर निशाना साधने के लिए लंबे समय तक उसके इर्द-गिर्द घुम सकता है। यही विशेषता ही इस ड्रोन को एक खतरनाक हथियार बनाती है। कामिकाजे ड्रोन की खासियत ये है कि इससे लक्ष्य पर एकदम सटीक निशाना लगाता है, इतना ही नहीं यह ड्रोन उड़ान के बीच में लक्ष्य बदलने या यहां तक कि मिशन को रद्द करने की भी क्षमता रखता है। इस ड्रोन में इन-बिल्ट वॉर हेड होता है, जो कि लक्ष्य तक पहुंचते ही जोरदार तबाही मचाता है।
कामिकाजे ड्रोन्स अपनी क्षमता के हिसाब से दुश्मन के क्षेत्र में कई किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकते हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि यूक्रेन ने रूस में इतना अंदर घुस कर मार करने के लिए कौन से ड्रोन का इस्तेमाल किया। हालांकि, उसे मुख्यतः कामिकाजे ड्रोन्स की सप्लाई रूस और फ्रांस की तरफ से हुई है। अमेरिका ने यूक्रेन को स्विचब्लेड कामिकाजे ड्रोन्स दिए हैं, जबकि फ्रांस ने कोलिब्री ड्रोन्स मुहैया कराए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह दोनों ही ड्रोन्स सीमित क्षेत्र को निशाना बना सकते हैं। जहां कोलिब्री ड्रोन 45 मिनट तक उड़ान भरकर 5 किमी के दायरे में किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकता है तो वहीं स्विचब्लेड ड्रोन्स 15 मिनट उड़ान भरकर 10 किमी के दायरे में लक्ष्य को भेद सकते हैं। यानी यूक्रेन की तरफ से इन ड्रोन्स का इस्तेमाल रूस के बॉर्डर के करीब वाले इलाकों और यूक्रेन में घुसी रूसी सेना को रोकने के लिए किया जा रहा है।
हालांकि, यूक्रेन ने कई ऐसे ड्रोन्स भी तैयार किए हैं, जो उसे रूस के अंदर हमला करने में मदद कर रहे हैं। खासकर उसके यूजे-25 स्काईलाइन ड्रोन्स रूस के लिए बड़ा सिरदर्द बनकर उभरे हैं। इन ड्रोन्स के बारे में सार्वजनिक प्लेटफॉर्म में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। हालांकि, इन्हें यूजे-23 टोपाज का अपग्रेड वर्जन बताया जाता है, जिसकी मारक रेंज 400 किमी तक होती थी और यह 600 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकते थे। इस लिहाज से यूजे-25 स्काईलाइन की मारक रेंज 800 किलोमीटर के करीब मानी जाती है।
द्वितीय विश्व युद्ध की रणनीति पर तैयार
कामिकाजे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानियों द्वारा अपनाए गए हमले की रणनीति से निकला है। आत्मघाती हमले के मिशन में विस्फोटकों से लदे लड़ाकू विमानों के पायलट अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए दुश्मन के लक्ष्य से टकराते हैं। जापानी विमानों के ड्रोन कामिकेज संस्करण की तरह आधुनिक कामिकेज ड्रोन भी लक्ष्य को मारकर नष्ट कर दिए जाते हैं। इन्हें घुमावदार युद्ध सामग्री भी कहा जाता है, क्योंकि वे कुछ समय के लिए लक्ष्य क्षेत्र के चारों ओर मंडरा सकते हैं (क्रूज मिसाइल की तुलना में बहुत अधिक) और लक्ष्य के स्थिर होने पर ही हमला कर सकते हैं।