आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच जारी जंग में तुर्की और रूस के जुड़ाव के चलते हालात काफी मुश्किल होते जा रहे हैं। यहां अब तक सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं लेकिन जंग जारी है और इसमें ड्रोन हमलों के वीडियो भी सामने आए हैं। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने युद्ध रोकने की पहल करते हुए दोनों देशों को शांति वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।
आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों को शांति वार्ता के लिए बुलाते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि नागोर्नो-कराबाख में मानवीय कारणों से लड़ाई का रुकना बेहद अहम है।
उन्होंने 1994 में खत्म हुए युद्ध के बाद इस क्षेत्र में दोबारा गंभीर संघर्ष छिड़ने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बातचीत से विवादों का हल निकाला जा सकता है।
उधर, आर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता सूसन स्टेपेनियन ने कहा है कि संघर्ष वाले क्षेत्र में हमले जारी हैं। जबकि पलटवार करते हुए अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने आर्मेनियाई बलों पर टारटर, बर्दा और बेयलागन शहरों में गोलाबारी और ड्रोन से हमलों का आरोप लगाया।
आर्मेनिया ने इन दावों को खारिज किया। लेकिन अजरबैजान ने मानवरहित विमान से ली गई तस्वीरें जारी की हैं जिनमें ड्रोन सीधे टार्गेट से टकराकर खुद को उड़ाते दिखाई दे रहे हैं।
नागोर्नो-कराबाख के 200 कर्मी मारे गए
27 सितंबर से जारी आर्मेनिया-अजरबैजान की जंग में नागोर्नो-कराबाख के अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके पक्ष के करीब 200 कर्मचारी अब तक मारे जा चुके हैं और 90 से ज्यादा घायल हैं। अजरबैजान ने सैनिकों के हताहत होने की जानकारी तो साझा नहीं की लेकिन 24 नागरिकों की मौत और 121 के घायल होने की बात कही है।
तुर्की पर लड़ाके भेजने के आरोप
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव ने दोहराया है कि इस लडाई का अंत तभी हो सकता है, जब नागोर्नो-कराबाख से आर्मेनिया पूरी से हट जाए। इस बीच, आर्मेनिया ने आरोप लगाया कि तुर्की भी इस संघर्ष में अजरबैजान का साथ दे रहा है और सीरिया से अपने लड़ाकों को इस क्षेत्र में भेज रहा है। हालांकि, तुर्की ने हथियार अथवा विदेशी लड़ाकों को भेजने के आरोप खारिज किए हैं।