फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प से चिंतित रूस ने कहा- दोनों देश आपसी विवाद सुलझाने में सक्षम

Wed, 17 Jun 2020 08:54 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन - फोटो : PIB
विज्ञापन

सोमवार की रात पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई भयंकर झड़प से रूस चिंतित है। रूस ने बुधवार को कहा कि वो भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण चिंता में है, लेकिन उसे उम्मीद है कि दोनों पड़ोसी देश इस विवाद को आपस में सुलझा सकते हैं।

विज्ञापन


सोमवार रात गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारतीय सेना के कर्नल सहित 20 जवान मारे गए थे। चीन की सीमा पर यह पांच दशकों के बाद सबसे बड़ा सैन्य टकराव था, जिसने दोनों देशों के बीच पहले से ही अस्थिर सीमा गतिरोध को और बढ़ा दिया है।

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, 'निश्चित रूप से हम चीनी-भारतीय सीमा पर बहुत ध्यान से देख रहे हैं। हमारा मानना है कि यह बहुत ही चौंकाने वाली रिपोर्ट है, लेकिन हम मानते हैं कि दोनों देश भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने में सक्षम हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ने तनाव को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच शुरू हुए संपर्क का स्वागत किया है।
विज्ञापन


इस हिंसक झड़प में चीन को भी भारी नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हिंसक झड़प में चीन के 43 सैनिक हताहत (मारे गए या घायल हुए) हुए हैं। चीन ने सैनिकों की मौत के आंकड़ों पर चु्प्पी साध रखी थी, लेकिन शाम होते-होते ग्लोबल टाइम्स के एडिटर ने इस बात को माना कि नुकसान हुआ है, लेकिन संख्या नहीं बताई गई। ऐसा करीब 45 साल बाद हुआ है, जब भारत-चीन बॉर्डर पर किसी तरह की हिंसा या झड़प में इतनी जानें गई हों।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई फोन वार्ता के दौरान जयशंकर ने चीन को खरी-खरी सुनाई। जानकारी के मुताबिक जयशंकर ने वांग से स्पष्ट शब्दों में कहा कि गलवां घाटी में जो भी हुआ वह चीन की पूर्व नियोजित और सोची-समझी कार्रवाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें