रूस ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच खाड़ी देशों से अपील की है कि वे सभी किसी और के जंग का हिस्सा न बनें। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस खाड़ी के देशों की संप्रभुता और उनकी क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह समर्थन करता है और उनके खिलाफ किसी भी तरह के हमले को गलत मानता है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि खाड़ी देशों को किसी और के युद्ध में घसीटना बेहद खतरनाक होगा और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। मॉस्को से जारी बयान के अनुसार, लावरोव ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) देशों के विदेश मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि रूस खाड़ी के देशों की संप्रभुता और उनकी क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह समर्थन करता है और उनके खिलाफ किसी भी तरह के हमले को गलत मानता है।
28 फरवरी से पश्चिम एशिया में तनाव
सर्गेई लावरोव ने खास तौर पर चेतावनी दी कि इन देशों को 'किसी और की लड़ाई' में शामिल करना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक इलाकों, खासकर बिजली, पानी और ऊर्जा से जुड़े ढांचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं, क्योंकि इससे आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ता है।
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पिछले एक महीने से पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों और इस्राइल को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव और हमलों का सिलसिला जारी है।
अमेरिका और इस्राइल पर साधा निशाना
रूसी विदेश मंत्री ने इस पूरे संकट के लिए अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे 'बिना उकसावे और बेवजह की आक्रामकता' बताया। उन्होंने कहा कि इस विवाद का हल सिर्फ बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकल सकता है, जिसमें सभी देशों के हितों का ध्यान रखा जाए। रूस ने अंत में अपील की कि तुरंत युद्धविराम होना चाहिए, क्योंकि लगातार हो रही हिंसा से आम लोगों को भारी नुकसान और परेशानी झेलनी पड़ रही है।