Russia-Ukraine Conflict: रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में जहां एक तरफ युद्ध-विराम की कोशिशें की जा रही है। वहीं इन प्रयासों के बीच बुधवार को रूस ने आतंकवाद के आरोप में पकड़े गए 23 यूक्रेनियों को दोषी ठहराया है। इसे यूक्रेन की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया है।
रूस की तरफ से बुधवार को यूक्रेन में लड़ाई के दौरान आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किए गए 23 यूक्रेनियों को दोषी ठहराया है। वहीं रूस के इस फैसले की यूक्रने की तरफ से निंदा की गई है और इसे दिखावा और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन भी बताया गया है।
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अभियुक्तों में कौन-कौन शामिल?
मामले में रूसी मीडिया रिपोर्टों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, अभियुक्तों में विशेष आजोव ब्रिगेड के 14 वर्तमान या पूर्व लड़ाके शामिल थे, जिसे रूस ने आतंकवादी समूह घोषित किया है। इसमे कुल नौ महिलाएं और एक पुरुष शामिल थे, जो रसोइये या सहायक कर्मी के रूप में काम करते थे। इनमें से 12 आरोपी अदालत में मौजूद नहीं थे। 11 को पहले ही युद्धबंदियों की अदला-बदली के तहत यूक्रेन वापस भेजा जा चुका था, जबकि एक आरोपी की 2023 में जेल में मौत हो गई थी।
रूस ने सभी पर क्या लगाए थे आरोप?
रूस ने इन सभी पर हिंसक तख्तापलट की साजिश और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था। कुछ पर आतंकवादी हमले की ट्रेनिंग लेने का भी आरोप था। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता रूसी मानवाधिकार संगठन 'मेमोरियल' ने सभी दोषियों को 'राजनीतिक कैदी' करार दिया है।
रूस के आरोपों पर यूक्रेन की सफाई
वहीं, यूक्रेन के मुताबिक, इनमें से कई लोगों को 2022 में मारियुपोल शहर में पकड़ा गया था, जब वे अजोवस्ताल स्टील प्लांट में रूसी सेना के खिलाफ डटे हुए थे। कुछ को तब गिरफ्तार किया गया जब वे शहर छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इधर, यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त, द्मित्रो लुबिनेत्स ने इस मुकदमे को रूस का दिखावटी नाटक बताया। उन्होंने कहा, 'रूस और न्याय का कोई संबंध नहीं है। जो असली अपराधी हैं, वे नहीं बल्कि अपने देश की रक्षा करने वाले लोग कटघरे में खड़े हैं।' इसके साथ ही यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस फैसले पर सख्त प्रतिक्रिया देने की अपील की है।