अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
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रूस ने इस्राइल पर ईरान के बड़े मिसाइल हमले के बाद मध्य पूर्व में अमेरिका के दृष्टिकोण की निंदा की है और इसे अमेरिका की पूर्ण विफलता करार दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने संकटों को हल करने में व्हाइट हाउस की असमर्थता की ओर इशारा करते हुए टेलीग्राम पर यह भावना व्यक्त की।
जखारोवा ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, 'मध्य पूर्व में बाइडन प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। एक खूनी संघर्ष जो केवल गति पकड़ रहा है। व्हाइट हाउस के समझ से बाहर के बयान संकटों को हल करने में उसकी पूरी असहायता को दर्शाते हैं।'
ईरान ने इस्राइल पर लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के मुताबिक, उनके देश की सीमा के भीतर ड्रोन हमले किए गए। वहीं ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दावा किया कि बैलिस्टिक मिसाइलों से इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राइल का समर्थन करने का एलान किया। आईडीएफ के मुताबिक, इस्राइली सीमा की रक्षा के लिए सेना मुस्तैद है। हाल ही में इस्राइल ने सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास के हिस्से को निशाना बनाया था। जिसके बाद इसे ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
इस संकट के बाद, अमेरिकी प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि बाइडन प्रशासन की रणनीति शुरू से ही गलत थी, जिसमें ईरान को रोकने पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। जबकि, इस्राइल को तनाव बढ़ाने की अनुमति दी गई है। इस दृष्टिकोण ने प्रतिशोध के एक खतरनाक चक्र को जन्म दिया है और इस क्षेत्र को युद्ध के कगार पर ला दिया है।