फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UNSC में अमेरिका को बड़ा झटका: ईरान के समर्थन में खुलकर आए रूस-चीन, होर्मुज को खोलने के प्रस्ताव पर किया वीटो

Tue, 07 Apr 2026 09:26 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

पश्चिम एशिया जारी जंग के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया। इससे अमेरिका व अन्य देशों के प्रयासों को झटका लगा है। चीन और रूस ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो किया। पढ़िए रिपोर्ट- 
विज्ञापन
होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के खिलाफ यूएनएससी में प्रस्ताव खारिज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच मंगलवार को अमेरिका को झटका लगा है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और चीन ने उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था। यह प्रस्ताव ऐसे समय में पारित नहीं हो सका, जब ईरान से समझौते के लिए अमेरिका की समय सीमा नजदीक आ रही है। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 
विज्ञापन


प्रस्ताव के पक्ष-विपक्ष में कितने वोट पड़े?
सुरक्षा परिषद के 15 में से 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान से दूरी बनाई। जरूरी नौ वोट मिल गए थे। फिर भी प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया। रूस और चीन स्थायी सदस्य हैं। उनके पास वीटो शक्ति है। इसी का इस्तेमाल कर प्रस्ताव को रोक दिया गया। शुरुआत में प्रस्ताव में अनुच्छेद 7 शामिल था। इससे सदस्य देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए बल प्रयोग की अनुमति मिल सकती थी। रूस और चीन इसका विरोध कर रहे थे। इसी वजह से लंबे समय तक बातचीत चली। प्रस्ताव की भाषा बदली गई। अंत में जो प्रस्ताव लाया गया, उसमें केवल देशों से रक्षात्मक तरीके से सहयोग करने की बात कही गई। बल प्रयोग की बात हटा दी गई थी।

ये भी पढ़ें: ईरान पर US के ताबड़तोड़ हमले, जवाब में तेहरान ने उतारे 510 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाले सुसाइड ड्रोन
विज्ञापन


बहरीन को उम्मीद थी कि रूस और चीन कम से कम मतदान से दूरी बनाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर बंटी हुई नजर आई। रूस और चीन ने वीटो कर साफ कर दिया कि वे ईरान के साथ खड़े हैं। दोनों देशों का कहना है कि प्रस्ताव में ईरान की बहुत कड़ी आलोचना की गई थी।

बहरीन ने यूएनएससी में क्या कहा?
बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी ने यूएनएससी में कहा कि ईरान को होर्मुजल जलडमरूमध्य बंद करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, यह प्रस्ताव खाड़ी क्षेत्र के इस अहम जलमार्ग के गंभीर हालात को देखते हुए लाया गया है। दुनिया के तेल और गैस का करीब एक-पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। 
विज्ञापन

 

उन्होंने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देश वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा स्रोत हैं। इसलिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है। अल जयानी ने साफ कहा, ईरान को इस जलमार्ग को बंद करने का कोई अधिकार नहीं है। न ही वह दुनिया के लोगों को जरूरी ऊर्जा संसाधनों से वंचित कर सकता है।



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें