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Russia-China Swift alternative: रूस का जो भी कदम है, वो चीन की राह में है!

Thu, 08 Sep 2022 02:16 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

Russia-China Swift alternative: रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के निकट सूत्रों ने कहा है- ‘नया सिस्टम रूस और चीन के बीच बढ़ रही रणनीतिक भागीदारी की एक और मिसाल है।’ अमेरिकी मीडिया में आई टिप्पणियों में कहा गया है कि युवान आधारित भुगतान सिस्टम शुरू कर रूस असल में चीन की योजना को लागू कर रहा है...
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Russia-China Swift alternative: Vladimir Putin and Xi Jinping - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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रूस के सरकारी बैंक वीटीबी ने एक ऐसा सिस्टम बना लेने का एलान किया है, जिसके जरिए बिना स्विफ्ट का इस्तेमाल किए रूस चीन को उसकी मुद्रा युवान में भुगतान करने में सक्षम हो जाएगा। बीते फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम सोसायटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकॉमनिकेशन (स्विफ्ट) से निकाल दिया था। उसके बाद से रूस, चीन सहित अलग-अलग देशों को आपसी मुद्राओं की अदला-बदली के जरिए भुगतान करता रहा है। लेकिन ये प्रक्रिया पेचीदा रही है। रूस ने कहा है कि नया सिस्टम चालू होने के साथ अब चीन और रूस के संबंध और मजबूत होंगे।  

रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के निकट सूत्रों ने कहा है- ‘नया सिस्टम रूस और चीन के बीच बढ़ रही रणनीतिक भागीदारी की एक और मिसाल है।’ अमेरिकी मीडिया में आई टिप्पणियों में कहा गया है कि युवान आधारित भुगतान सिस्टम शुरू कर रूस असल में चीन की योजना को लागू कर रहा है। चीन साल 2049 तक अमेरिकी मुद्रा डॉलर की अंतरराष्ट्रीय भुगतान की मुद्रा की हैसियत खत्म कर देने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वह डॉलर की जगह युवान को लाना चाहता है।

पिछले फरवरी के बाद से रूस में युवान की मांग काफी बढ़ चुकी है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को बेअसर बनाने में चीन ने रूस की मदद की। उसने रूस से कच्चे तेल और गैस का आयात बढ़ा दिया। रूस में जन्मी अमेरिकी खुफिया विशेषज्ञ रेबेकाह कॉफलर ने अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज से कहा- ‘रूस और चीन स्वाभाविक रूप से सहयोगी देश नहीं हैं। लेकिन बाइडन प्रशासन की नीतियों ने दोनों को करीब आने को मजबूर किया है। रूसी बैंकों को स्विफ्ट से बाहर करना और रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाना नैतिक रूप से अमेरिकियों को चाहे जितना आकर्षक कदम लगते हों, लेकिन ये व्यावहारिक नहीं हैं। दीर्घकालिक रूप से उनका वैश्विक वित्तीय प्रणाली में डॉलर की भूमिका पर विनाशकारी असर होगा।’ कॉफलर ‘पुतिन्स प्लेबुकः रशियाज सीक्रेट प्लान टू डिफीट अमेरिका’ नाम की किताब की लेखिका भी हैं।

वीटीबी बैंक के सीईओ आंद्रेई कोस्तिन ने कहा है कि नए सिस्टम से रूसी कारोबारियों को बिना यूरो या डॉलर का इस्तेमाल किए चीन से कारोबार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा- ‘नई हकीकत हमें अंतरराष्ट्रीय भुगतान में डॉलर और यूरो को ठुकराने की तरफ ले जा रही है। नया सिस्टम शुरू होने से रूसी कंपनियों और व्यक्तियों के लिए अपने चीनी पार्टनरों के साथ काम करना बेहद आसान हो जाएगा। इससे रूस में युवान की लोकप्रियता बढ़ेगी।’

वीटीबी बैंक ने ये एलान मंगलवार को किया। उसके एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने अपने देश की नई विदेश नीति का दस्तावेज जारी किया था। ये नीति ‘रूसी दुनिया’ की अवधारणा पर आधारित है। विश्लेषकों ने कहा है कि इस नीति के जरिए पुतिन ने एक बार फिर यूक्रेन पर रूसी हमले को जायज ठहराया है। 31 पेज के इस दस्तावेज में कहा गया है कि रूसी दुनिया की परंपराओं और आदर्शों की सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ाना रूस की आधिकारिक नीति होगी। यूक्रेन पर रूस ने हमला दोनबास इलाके में रहने वाली रूसी मूल की आबादी की रक्षा के नाम पर किया था।

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