रॉब लाइटहाइजर ट्रंप के पहले कार्यकाल में मुख्य भूमिकाओं में से एक थे, जिसमें चीन के आयात पर भारी शुल्क लगाया गया और उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता (एनएएफटीए) को मेक्सिको और कनाडा के साथ दोबारा बातचीत कर लागू किया गया।
रॉयटर्स के मुताबिक, पूर्व अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर को नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से वापस बुलाने के लिए नहीं कहा गया है, ये फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के एकदम विपरीत है। फाइनेंशियल टाइम्स ने डोनाल्ड ट्रंप के ट्रांजिशन टीम की चर्चाओं के आधार पर अनुमान लगाया था कि रॉब लाइटहाइजर को व्यापार नीति देखने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वापस लाया जा सकता है।
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रॉब लाइटहाइजर ने भी रिपोर्ट पर साधी चुप्पी
हालांकि, रॉयटर्स ने बताया कि मामले से जुड़े दो सूत्रों में से एक ने इस रिपोर्ट को गलत बताया है। इन सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर बात की। वहीं रॉब लाइटहाइजर ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार किया है, इस साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की टीम में चल रही चर्चाओं पर भी कोई जवाब नहीं दिया है।
ट्रंप की ट्रांजिशन टीम ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
रॉयटर्स के अनुसार, लाइटहाइजर को ट्रंप की संभावित कैबिनेट में अन्य पदों जैसे कि ट्रेजरी सचिव और वाणिज्य सचिव के लिए भी देखा जा रहा है। फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप की ट्रांजिशन टीम ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। गुरुवार को, डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने अपने दो अभियान प्रबंधकों में से एक, सूजी वाइल्स को व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में चुना है।
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व्यापार एजेंडे को और भी तेजी से लागू करने की योजना बना रहे ट्रंप- रॉयटर्स
रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले चार साल के आक्रामक व्यापार एजेंडे को और भी तेजी से लागू करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें सभी आयातित सामानों पर 10% शुल्क और चीन से आने वाले आयातों पर और भी अधिक शुल्क लगाया जा सकता है। अगर ये लागू किए गए, तो इससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। अमेरिका में चीन के शीर्ष प्रतिनिधि ने गुरुवार को चेतावनी दी कि व्यापार या शुल्क युद्ध में किसी की जीत नहीं होती है, न ही विज्ञान, तकनीक, या उद्योग युद्ध में कोई विजेता होता है।