सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार, 11 अक्टूबर को फिर हमला हुआ। यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इसकी जानकारी दी। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी के मुताबिक, एक अज्ञात वस्तु एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 से टकराई, जिससे वहां आग लग गई। संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात संभालने में जुटे हैं।
क्या एयरपोर्ट के पास मिसाइल भी नष्ट की गई?
गठबंधन के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि एयरपोर्ट के पास एक क्रूज मिसाइल को हवाई रक्षा प्रणाली ने रोककर नष्ट कर दिया। हालांकि, दी गई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि टर्मिनल-4 से टकराने वाली अज्ञात वस्तु और क्रूज मिसाइल के बीच कोई संबंध था या नहीं।
रियाद में धमाके के बाद लोगों ने क्या बताया?
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इससे पहले रियाद के मध्य हिस्से में जोरदार धमाके की आवाज सुनी। इसके बाद शहर के उत्तरी इलाके में रहने वाले तीन लोगों ने भी एक और धमाका सुनने की बात कही। उत्तरी रियाद के अल-आरिद इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने एएफपी को बताया, 'आवाज सुनने के बाद पक्षी घबराकर इधर-उधर उड़ने लगे। पूरा घर हिल गया।' स्थानीय लोगों ने एयरपोर्ट की ओर एंबुलेंस जाते हुए देखने की बात भी कही।
हमले के बाद मेट्रो सेवा पर क्या असर पड़ा?
रियाद मेट्रो के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि राजधानी के अधिकारियों ने एयरपोर्ट की सेवा देने वाले तीन में से दो मेट्रो स्टेशनों पर परिवहन सेवा रोक दी है। अधिकारी के मुताबिक, इस फैसले की रोजाना समीक्षा की जाएगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया कि इन स्टेशनों पर सेवा दोबारा कब शुरू होगी।
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एक दिन पहले हुए हमले में 12 लोगों की मौत, एक भारतीय शामिल
रियाद एयरपोर्ट पर एक दिन पहले भी हमला हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक भारतीय भी शामिल है। इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। हालांकि, रविवार को हुए हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
यमन युद्ध से इस हमले का क्या संबंध?
सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। दूसरी तरफ, हूती विद्रोही इस सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं। पिछले महीने हूती विद्रोहियों ने तेजी से किए गए हमले में लाल सागर के तट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। ऐसे में रियाद एयरपोर्ट पर लगातार दूसरे दिन हमले की खबर से क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, रविवार के हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है।