विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि हवाई यात्रा के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा बहुत कम है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को कहा कि विमान यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण के बहुत कम मामले सामने आए हैं।
इस संबंध में डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, 'विमान के दौरान संक्रमण संभव है लेकिन यात्रियों की संख्या और मामलों की संख्या को देखते हुए इसका खतरा बहुत कम प्रतीत होता है।' पिछले सप्ताह अमेरिकी रक्षा विभाग के अध्ययन में भी विमानों में कोरोना से संक्रमित होने की आशंका को बहुत कम बताया गया था।
साउथवेस्ट एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस, दोनों ने कहा है कि हालिया अध्ययन बताते हैं कि विमान यात्रा के दौरान संक्रमण का खतरा आभासी रूप से न के बराबर है। साउथवेस्ट एयरलाइंस अभी अपने विमानों में बीच की सीट खाली छोड़ रही है। लेकिन, उसने कहा है कि शोध को देखते हुए वह मिडिल सीट पर प्रतिबंध समाप्त कर सकती है।
वैश्विक एयरलाइंस निकाय आईएटीए (IATA) ने आठ अक्तूबर को एक बयान में कहा था कि इस साल 120 करोड़ यात्रियों में से संक्रमण के केवल 44 संभावित मामले सामने आए। लेकिन इस बयान को बाद में उसी वैज्ञानिक ने चुनौती दी थी, जिनके अध्ययन के आधार पर यह जानकारी सामने आई थी।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वह कम से कम दो केस रिपोर्ट अध्ययनों के बारे में जानता है जिनमें लंदन से हनोई और सिंगापुर से चीन तक की उड़ानों में इन-फ्लाइट ट्रांसमिशन का जिक्र किया गया है। बीमार और संक्रमित लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, आधुनिक विमानों में में मौजूद वेंटिलेशन सिस्टम कम समय में वायरस को फिल्टर कर सकते हैं।