ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने निवेश, व्यापार, बुनियादी ढांचा, सतत वित्त और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन के बीच नई महत्वाकांक्षी पहल की सराहना की। उन्होंने ब्रिटिश पूंजी बाजार की भारत के बुनियादी ढांचा विकास में भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटेन का मजबूत पूंजी बाजार भारत की बुनियादी ढांचा जरूरतों में कई तरह से सहयोग कर सकता है।
भारतीय मूल के ब्रिटिश वित्त मंत्री ऋषि सुनक 10वें भारत-ब्रिटेन आर्थिक और वित्तीय संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, बुनियादी ढांचा नीति और वित्त पोषण पर नई भागीदारी, भारत की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा पाइपलाइन (एनआईपी) में निजी पूंजी प्रवाह में मददगार होगी।
उन्होंने कहा कि नया दीर्घकालिक वित्तीय मंच दोनों देशों के बीच वित्तीय भागीदारी को मजबूत बनाएगा। उच्च स्तरीय कार्यबल के अनुसार भारत के एनआईपी ने 2020-25 के दौरान ढांचागत क्षेत्र में 1,11,000 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा, दीर्घकालिक वित्त दोनों देशों के बीच अहम रिश्ते विकसित करता है। अगले 20 साल में, भारत को टिकाऊ ढांचागत क्षेत्रों में 4,500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत का अनुमान है और ब्रिटिश पूंजी बाजार इसमें अहम सहयोग कर सकता है।