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Rishi Sunak: आर्थिक संकट का हल ढूंढा तो पार्टी की अंदरूनी चुनौतियों से उबर जाएंगे ऋषि सुनक, जानें पूरा मामला

Wed, 26 Oct 2022 04:22 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

फिलहाल ज्यादातर कंजरवेटिव सांसदों को उम्मीद है कि गुजरे वर्षों की अस्थिरता के बीच ऋषि सुनक कुछ स्थिरता प्रदान कर पाएंगे। हालांकि विरोधियों का आरोप है कि जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए सुनक ने जो नीतियां अपनाईं, वे ही आज की आर्थिक समस्याओं की वजह हैं, फिर भी कंजरवेटिव पार्टी का बहुमत उनसे सुधार की आशा रख रहा है।
 
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ऋषि सुनक - फोटो : ANI
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विस्तार
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 ब्रिटेन में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी के ज्यादातर सांसदों को फिलहाल यह उम्मीद नहीं है कि ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने से पार्टी को अंदरूनी फूट से निजात मिल पाएगी। ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट में सांसदों से बातचीत के आधार पर कहा गया है कि सुनक का हनीमून पीरियड बहुत छोटा होने वाला है। इसकी वजह वे समस्याएं हैं, जो लिज ट्रस को ले डूबीं। गौरतलब है कि ब्रिटेन गहरे आर्थिक संकट में है और कंजरवेटिव पार्टी की लोकप्रियता में तेजी से गिरावट आ रही है।
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द गार्जियन के मुताबिक, लगभग 200 सांसदों का समर्थन मिलने के कारण सुनक पार्टी सदस्यों के मतदान किए बिना ही नेता चुन लिए गए, लेकिन मंगलवार को उनके प्रधानमंत्री पद संभालने के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और नेता की होड़ से हटने को मजबूर हुईं पेनी मॉर्डन्ट के समर्थक निजी बातचीत में अपनी शिकायत जताते सुने गए।

फिलहाल ज्यादातर कंजरवेटिव सांसदों को उम्मीद है कि गुजरे वर्षों की अस्थिरता के बीच ऋषि सुनक कुछ स्थिरता प्रदान कर पाएंगे। हालांकि विरोधियों का आरोप है कि जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए सुनक ने जो नीतियां अपनाईं, वे ही आज की आर्थिक समस्याओं की वजह हैं, फिर भी कंजरवेटिव पार्टी का बहुमत उनसे सुधार की आशा रख रहा है।
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मंगलवार को प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद जब सुनक ने पार्टी सांसदों को संबोधित किया, तो उस मौके पर जॉनसन को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने की मुहिम का नेतृत्व करने वाले जेम्स डुडरिज भी वहां मौजूद दिखे। मॉर्डन्ट भी वहां आईं। लेकिन निवर्तमान प्रधानमंत्री लिज ट्रस की गैर-हाजिरी ने वहां लोगों का ध्यान खींचा। ट्रस ने एक ट्विट के जरिए सुनक को बधाई दी। उधर एक कंजरवेटिव नेता ने द गार्जियन से कहा कि उन्होंने अनिच्छा से सुनक को अपना समर्थन दिया है।

इस बीच जॉनसन समर्थक नेता सुनक पर निशाना साधना जारी रखे हुए हैं। क्रिस्टोफर चोप के बाद पूर्व संस्कृति मंत्री नेंडीन डोरिस ने सुनक के निर्वाचन को चुनौती दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि सुनक के पास शासन करने का जनादेश नहीं है, इसलिए मध्यावधि चुनाव को टालना असंभव है। मगर सुनक समर्थकों का कहना है कि जल्द ही डोरिस जैसी आवाजें हाशिये पर पहुंच जाएंगी। इन नेताओं ने जॉनसन समर्थकों के बयानों पर नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जताई है।

इस बीच कुछ कंजरवेटिव सांसदों ने कहा है कि बिना सदस्यों के बीच मतदान कराए नेता का चुनाव होने से पार्टी सदस्यों का एक हिस्सा बेहद नाराज है। कई जगहों से सदस्यों के पार्टी छोड़ने की धमकी देने खबर आई है। कंजरवेटिव थिंक टैंक ऑर्थोडॉक्स के निदेशक जोसेफ रॉबर्टसन ने द गार्जियन से कहा- ‘पार्टी सदस्यों ने दो महीने पहले सुनक को ठुकरा दिया था, इसलिए उन्हें लोकतांत्रिक जनादेश प्राप्त नहीं है।’

विशेषज्ञों के मुताबिक सुनक संभवतः पार्टी की अंदरूनी चुनौतियों से उबर जाएंगे, लेकिन उनके सामने असल सवाल कठिन फैसले लेने का है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती महंगाई के असर से लोगों का बचाव करते हुए सरकारी खर्च में कटौती करने और रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की है।
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