कोविड-19 के चलते कई देश लॉकडाउन से प्रभावित हैं वहीं ब्रिटेन में एक रिपोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी उस आशंका पर मुहर लगाई है कि इस दौरान घरेलू दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन के अधिकारियों ने बताया कि 19 अप्रैल तक पिछले छह सप्ताह के दौरान घरेलू दुर्व्यवहार के अपराधों में कुल 4,093 गिरफ्तारियां हुईं। इस हिसाब से हर दिन करीब 100 गिरफ्तारियां हुई हैं।
लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन में नौ मार्च से पहले तक पिछले साल की तुलना में घरेलू हिंसा में 24 फीसदी का इजाफा हुआ हैै। सुरक्षा विभाग के प्रमुख कमांडर सू विलियम्स ने बताया कि यह हालात तब पैदा हुए जब कोरोना वायरस के बचाव के लिए ब्रिटेन में लॉकडाउन चल रहा है। पुलिस का कहना है कि 9 मार्च से 19 अप्रैल तक घरेलू हिंसा में 9 फीसद का इजाफा हुआ है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि पारिवारिक कलह से उपजी घरेलू हिंसा को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाता है।
स्कॉटलैंड यार्ड ने कहा कि घरेलू हिंसा से संबंधित दो हत्याएं भी दर्ज की हैं। बता दें कि कुछ दिन पूर्व संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि लॉकडाउन के दौरान दुनिया में घरेलू हिंसा बढ़ी है। उसने चिंता जताते हुए लोगों से इस दौरान घर में शांति से रहने की अपील भी की थी।
घरेलू हिंसा रोकने को कई उपाय भी किए
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन के बाद से फ्रांस में घरेलू हिंसा के मामले 36 फीसदी बढ़े। घरेलू हिंसा के मामलों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने पीड़ितों को होटल में ठहराने, काउंसलिंग सेंटर शुरू करने और महिलाओं से ग्रॉसरी खरीदने के लिए घर से बाहर निकलने की अपील की है। ब्रिटेन में पुलिस ने घरेलू हिंसा से पीड़ित लोगों के लिए साइलेंट कॉल की व्यवस्था की है।