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France: सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी दक्षिणपंथी पार्टी, पीएम बायरू ने बजट किया पारित

Wed, 05 Feb 2025 12:42 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

फ्रांस के नए प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू की सरकार के खिलाफ नेशनल असेंबली में कट्टर वामपंथी दल अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 577 सांसदों में से कम से कम आधे वोटों की जरूरत होगी।  दक्षिणपंथी नेता ले पेन की पार्टी नेशनल रैली ने कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी। 
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फ्रांस्वा बायरू। - फोटो : X/FrancoisBayrou
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विस्तार
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फ्रांस की सरकार के खिलाफ नेशनल असेंबली में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का धुर दक्षिणपंथी नेता ले पेन की पार्टी नेशनल रैली समर्थन नहीं करेगी। इससे साफ है कि फ्रांस के प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे और देश का 2025 का बजट पारित हो जाएगा। पार्टी ने कहा कि हम अस्थिरता लाभ नहीं उठाएंगे। उधर, प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू ने सोमवार को 2025 के बजट को सांसदों के वोट के बिना ही स्वीकृत कराया।

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दक्षिणपंथी नेशनल रैली के अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला ने कहा कि मौजूदा दौर में फ्रांसीसी अस्थिरता के नए दौर का लाभ नहीं उठाएंगे। वहीं वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट (NFP) गठबंधन पहले ही कह चुका है कि वह अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा क्योंकि यह फ्रांस को बजट देने का समय है। दरअसल, फ्रांस के नए प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू की सरकार के खिलाफ नेशनल असेंबली में कट्टर वामपंथी दल अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 577 सांसदों में से कम से कम आधे वोटों की जरूरत होगी। माना जा रहा है कि कट्टर वामपंथी सांसद प्रस्ताव के समर्थन में मतदान कर सकते हैं, लेकिन उनके पास मध्यमार्गी गठबंधन की सरकार को गिराने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। 

प्रधानमंत्री ने सांसदों के वोट के बिना ही स्वीकृत कराया बजट
फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू ने सोमवार को 2025 के बजट को सांसदों के वोट के बिना ही स्वीकृत कराया। इसके लिए उन्होंने विशेष सांविधानिक शक्तियों का इस्तेमाल किया। फ्रांस के संविधान के तहत अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने पर बजट को स्वतः ही स्वीकृत माना जाएगा। पिछले साल दिसंबर में बजट विवाद के बाद ही दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके चलते उनको तीन महीने बाद ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।  
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नए प्रधानमंत्री ने गठबंधन के दलों से की बात
पीएम फ्रांस्वा बायरू ने अपनी अल्पमत सरकार को बचाए रखने के लिए गठबंधन के दलों से कई बार बात की है। उन्होंने सार्वजनिक अस्पतालों के लिए अधिक धन उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की और राष्ट्रीय शिक्षा में 4,000 नौकरियों में कटौती नहीं करने का वादा किया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे सेवानिवृत्ति की आयु 62 से बढ़ाकर 64 करने को लेकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। 

जुलाई में हुए आम चुनाव में किसी पार्टी को नहीं मिला था स्पष्ट बहुमत
फ्रांस में जुलाई में हुए आम चुनाव में 577 सीटों वाली नेशनल असेंबली में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट (NFP) गठबंधन के पास सबसे ज्यादा 190 सीटें थीं। मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन के पास लगभग 160 सीटें और दक्षिणपंथी नेता ले पेन की नेशनल रैली के पास 140 सीटें थीं। इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मिशेल बार्नियर को नया प्रधानमंत्री नामित किया था। 

तीन महीने ही चल पाई थी बर्निये सरकार
माइकल बर्निये की सरकार के खिलाफ कट्टर वामपंथी दल ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे मरीन ली पेन के नेतृत्व वाले धुर दक्षिणपंथी दल का भी समर्थन मिला था। फ्रांस की संसद के 577 सांसदों में से 331 सांसदों ने सरकार के खिलाफ मत दिया। इसके बाद से ही देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था। हाल ही में मैक्रों ने 73 वर्षीय फ्रांस्वा बायरू को नया प्रधानमंत्री बनाया है। 

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