जर्मनी की राजधानी बर्लिन में गुरुवार को एक बहुत बड़ी घटना हुई। ईरान के पूर्व शहजादे (क्राउन प्रिंस) रजा पहलवी पर किसी ने लाल रंग का तरल पदार्थ फेंक दिया। यह घटना तब हुई जब वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म करने के बाद इमारत से बाहर निकल रहे थे। रेजा पहलवी 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही अपने देश से बाहर निर्वासन में रह रहे हैं। इस हमले के बावजूद वह नहीं घबराए और अपनी कार में बैठने से पहले वहां मौजूद अपने समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने तुरंत हमलावर को पकड़ लिया।
यह घटना सीधे तौर पर ईरान की राजनीति और रजा पहलवी के विरोध से जुड़ी हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर निकलते ही एक ईरानी प्रदर्शनकारी ने उनका सामना किया और उन पर लाल तरल पदार्थ फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। अभी तक पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि इस हमले के पीछे का असली कारण क्या था। हालांकि, यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बर्लिन में रेजा पहलवी के समर्थन और विरोध में दोनों तरह के लोग मौजूद थे।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में रजा पहलवी ने क्या बड़े बयान दिए?
पहलवी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान की सरकार और कूटनीति पर बहुत तीखे हमले किए। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के मौजूदा नेताओं के साथ बातचीत या समझौते की उम्मीद करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि लोग यह सोच रहे हैं कि ईरान के नेता अचानक व्यवहारिक (प्रैक्टिकल) हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी होने वाला नहीं है। पहलवी ने ईरान के साथ बातचीत को 'तुष्टिकरण' (अपीजमेंट) बताया और कहा कि कोई भी समझौता या बातचीत इस समस्या का समाधान नहीं कर सकती है।
रजा पहलवी आखिर क्या चाहते हैं?
65 साल के रजा पहलवी ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्हें 1979 की क्रांति के दौरान सत्ता से हटा दिया गया था। वह लगातार खुद को ईरान के अगले नेता के रूप में पेश करते रहे हैं। उनका मानना है कि अगर ईरान में मौजूदा सरकार गिरती है, तो वह देश को संभाल सकते हैं।
बर्लिन से पहले वह स्वीडन और इटली का दौरा भी कर चुके हैं। वह लगातार यूरोपीय सरकारों से यह मांग कर रहे हैं कि वे ईरानी राजदूतों को बाहर निकालें और ईरान के अंदर बिना सेंसर वाले इंटरनेट की सुविधा दें। इसके अलावा वह पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई का भी समर्थन कर चुके हैं।
ईरान के अंदरुनी हालात पर उनका क्या कहना?
रेजा पहलवी को उम्मीद है कि ईरान के अंदर की जनता ही इस सरकार को बदलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी असली रणनीति यही है कि लोग अपने हकों के लिए सड़कों पर वापस लौटें। उन्होंने यह भी बड़ा दावा किया है कि ईरान के युवा, जिन्हें 'जनरेशन जेड' कहा जाता है, उनके सबसे बड़े समर्थक हैं। हालांकि, उनकी इन बातों को सभी लोग नहीं मानते। ईरान से बाहर रहने वाले कई अन्य समूह उनकी लीडरशिप को नहीं मानते हैं और दुनिया की किसी बड़ी सरकार ने अभी तक आधिकारिक रूप से उन्हें अपना समर्थन नहीं दिया है।
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