भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे पाकिस्तान के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बाजवा ने कहा कि वे पीएम इमरान खान के विशेष सलाहकार के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के चेयरमैन बने रहेंगे।
बाजवा पर आरोप है कि उन्होंने चीन के साथ मिलकर बेहिसाब संपत्ति बना ली है। इसके खुलासे ने पाकिस्तानी सियासत में भूचाल ला दिया है। पाकिस्तानी सेना से रिटायर होने के बाद चीन-पाकिस्तान इकॉनॉमिक कॉरीडोर (सीपीईसी) के चेयरमैन बनाए गए जनरल असीम सलीम बाजवा और उनके परिवार ने 99 कंपनियां और 133 रेस्त्रां बनाकर भ्रष्टाचार का नया रिकॉर्ड बनाया है।
पाकिस्तान की एक चर्चित वेबसाइट फैक्ट फोकस ने ये खुलासा किया है कि बाजवा का कारोबार चार देशों में फैला है और कुछ ही सालों में इस जनरल ने खरबों की संपत्ति बना ली है। असीम बाजवा पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता भी रह चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जनरल बाजवा ने जब इमरान के विशेष सलाहकार के तौर पर शपथ ली थी तो उनके पास कोई संपत्ति नहीं थी। ऐसा उन्होंने अपने शपथपत्र में दावा किया था कि न तो उनकी और न ही उनकी पत्नी या परिवार के किसी सदस्य की पाकिस्तान के बाहर कोई संपत्ति है।
सेना में आने से पहले बाजवा एक पिज्जा कंपनी में डिलिवरी ब्यॉय का काम करते थे और देखते ही देखते उनके भाइयों ने और परिवार के दूसरे सदस्यों ने पापा जॉन पिज्जा कंपनी की चेन खड़ी कर ली। उस समय यानी 2002 में बाजवा तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ लेफ्टिनेंट कर्नल हुआ करते थे।
आज बाजवा की पत्नी और उनके भाइयों के पास 133 पिज्जा रेस्त्रां हैं और वे 99 कंपनियों के मालिक हैं। इनके रेस्त्रां की मौजूदा कीमत करीब 4 करोड़ डॉलर बताई जा रही है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि बाजवा प्रधानमंत्री इमरान खान के बेहद खास लोगों में हैं और उनके अहम सलाहकार हैं।
चीन के साथ जो इन दिनों पाकिस्तान के बेहतरीन आर्थिक रिश्ते नजर आ रहे हैं, उनमें बाजवा की भूमिका अहम है। असीम बाजवा सीपीईसी के चेयरमैन अपने इसी हुनर की बदौलत बनाए गए हैं और इसी वजह से चीन पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है।