यूरोप का शीर्ष मानवाधिकार सखारोव पुरस्कार इराक की दो यजीदी महिलाओं को दिया गया है, ये महिलाएं तथाकथित इस्लामिक स्टेट (आईएस) की यौन दासता के चंगुल से भाग कर आईं थीं। नादिया मुराद बसी और लामिया अजी-बशर उन हजारों यजीदी लड़कियों में शामिल थीं जिन्हें आईएस ने यौन गुलाम बनाने के लिए 2014 में अगवा कर लिया था।
लेकिन दोनों बचकर आ गईं और अब यजीदी समुदाय के लिए अभियान चला रही हैं। मुराद का अपहरण सिंजर के पास एक गांव कोचो से हुआ तब वो 19 साल की थीं। आईएस चरमपंथी उन्हें मोसुल ले गए जहां उन पर अत्याचार किए गए और उनका बलात्कार किया गया। वो किसी तरह भागने में कामयाब हो गईं लेकिन उन्होंने अपनी मां और छह भाइयों को सिंजर हत्याकांड में खो दिया।