ब्राजील में एक जज ने फेसबुक को उस महिला पत्रकार का प्रोफाइल हटाने को कहा है जिनकी पिछले साल मई में मौत हो गई थी।
चौबीस साल की जूलियाना रिबेरो केम्पोस की मां ने फेसबुक के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ कराई थी कि सोशल साइट पर उनकी बेटी के दोस्तों और परिजनों द्वारा पोस्ट किए गए मैसेजों, गीतों और तस्वीरों से उन्हें गहरा दुःख हो रहा है।
जूलियाना मध्य ब्राजील के केम्पो ग्रेंड में प्रेस अधिकारी के तौर पर कार्यरत थीं और सर्जरी के बाद हुई समस्याओं के चलते उनकी मौत हो गई थी।
उनकी 50 वर्षीय मां डोलोरेस परेरा कौतिन्हो ने कई महीनों तक फेसबुक से अपनी बेटी का प्रोफाइल हटाने के लिए महीनों तक अभियान चलाया और फिर थक हारकर क़ानून का दरवाजा खटखटाया।
फेसबुक ने अभी तक जूलियाना का प्रोफाइल नहीं हटाया है। इस बारे में फेसबुक ने बीबीसी से कहा कि कंपनी विशेष मामलों पर टिप्पणी नहीं करती है।
हालांकि कंपनी ने इस बारे में साफतौर पर कुछ नहीं कहा कि अदालत ने उसे आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है या नहीं।
जेल
जज वानिया डी पौला अरांतेस ने अपने 19 मार्च और 10 अप्रैल के आदेशों में कहा कि फेसबुक से जूलियाना के प्रोफाइल को तुरंत हटा देना चाहिए। लेकिन उनके आदेशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस सप्ताह अदालत ने फेसबुक को चेतावनी देते हुए कहा कि 48 घंटे के भीतर जूलियाना का प्रोफाइल हटा दिया जाए। अदालत ने साथ ही कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो फेसबुक के अधिकारियों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
समाजशास्त्र की प्रोफेसर कौतिन्हो ने सात महीने तक खुद ही अपनी बेटी के प्रोफाइल को हटाने की कोशिश की लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
कुछ समय बाद फेसबुक ने जूलियाना के प्रोफाइल की सार्वजनिक पहुंच बंद कर दी।
इस पेज को केवल मेमोरियल वॉल के रूप में रखा गया जहां केवल जूलियाना के दोस्तों को ही पोस्ट करने की छूट थी।
लेकिन कौतिन्हो ने अपना प्रयास जारी रखा और फेसबुक के साओ पाउलो ऑफिस पर दबाव बनाए रखा।
दुखद
आखिरकार पिछले साल के अंत में उनका धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने बीबीसी से कहा, “इस वॉल ने मुझे बहुत दुःख पहुंचाया है। क्रिसमस के मौके पर जूलियाना के 200 दोस्तों ने उसके साथ खींची गई तस्वीरें पोस्ट कीं और मेरी यादों का ताज़ा कर दिया। वो करिश्माई और बेहद लोकप्रिय थीं। मैं कई दिनों तक दुःखी रही।”
जज अंतारेस ने कहा कि किसी लड़की के प्रोफाइल को मेमोरियल वॉल में बदल देना किसी के व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के ख़िलाफ़ है। कौतिन्हो को अपनी इकलौती बेटी के आकस्मिक निधन और फेसबुक की हरकत से बहुत दुःख सहना पड़ा है।
फेसबुक दिशानिर्देशों के मुताबिक अगर किसी यूजर का निधन हो जाता है तो किसी परिजन के आग्रह पर यूजर के टाइमलाइन और उससे जुड़ी अन्य सामग्री को हटाया जा सकता है।
हालांकि अक्टूबर 2009 में फेसबुक ने अपने ब्लॉग पर मेमोरियल वॉल का आइडिया रखा था।
कौतिन्हो ने कहा, “मुझे लगता है कि वो वेबसाइट से किसी को पूरी तरह नहीं हटाना चाहते हैं क्योंकि वो श्रृंखला को तोड़ना नहीं चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “ये एक नेटवर्क है और हर व्यक्ति दर्जनों दूसरे लोगों से जुड़ा है। मुझे लगता है कि उनके विरोध का यही कारण है।”
कौतिन्हो ने कहा “मैं किसी प्रकार का मुआवजा नहीं चाहती हूं लेकिन चाहती हूं कि फेसबुक अदालत के फैसले का पालन करे। मुझे इस पेज को हटाने का पूरा अधिकार है।”