ब्रिटेन का वीजा लेने के लिए 18 मार्च से अधिक खर्च करना पड़ेगा। ब्रिटिश सरकार ने सभी वर्गों के वीजा की फीस बढ़ा दी है। इस फैसले का सबसे अधिक असर भारतीयों पर पड़ेगा, जिन्हें पिछले साल यूके में रहने और काम करने के लिए सर्वाधिक वीजा दिया गया था।
सरकार इस साल जनवरी में शुल्क बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव लाई थी। इसके अनुसार कम अवधि और पढ़ाई के लिए वीजा हासिल करने में दो प्रतिशत अधिक फीस चुकानी पड़ेगी।
वहीं राष्ट्रीयता और ब्रिटेन में रहने के लिए आवेदन करना 25 फीसदी महंगा हो जाएगा। इनडिफनेट लीव टू रिमेन एप्लीकेशन के लिए अब 1500 की जगह 1875 पाउंड देने पड़ेंगे। इसी तरह परिवार और जीवनसाथी का वीजा 1195 और एडल्ट डिपेंडेंट रिलेटिव्स के वीजा की फीस 2676 पाउंड हो जाएगी।
दरअसल यूके की सरकार चाहती है कि उसके करदाताओं पर सीमा, अप्रवासन और सिटीजनशिप सिस्टम का कम से कम बोझ पड़े। इस क्रम में वह 2019-20 तक गृह मंत्रालय को स्व वित्त पोषित बनाना चाहती है। ब्रिटेन के इस कदम से भारतीयों की राह ही सबसे अधिक मुश्किल होगी।
ऑफिस ऑफ नेशनल स्टैटिक्स के अनुसार पिछले साल कुल 92,062 प्रशिक्षित लोगों को ब्रिटेन का वीजा दिया गया था। इसमें 52,360 भारतीय थे यानी 57 फीसदी। दूसरे नंबर पर अमेरिका था, जहां के केवल 11 फीसदी (10,130 ) नागरिक थे।