सोशल मीडिया पर आए दिन किसी व्यक्ति विशेष व सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं पर गलत टिप्पणी व उनके खिलाफ भड़काऊ सामग्री का प्रयोग हो रहा है। धर्म-जाति विशेष को लेकर भी अपशब्दों का प्रयोग हो रहा है। खासतौर पर भारत में सोशल मीडिया का इस मामले में गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इस पर रोक लगाने को लेकर भारत सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
अब इस मसले को लेकर वियतनाम सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वियतनाम सरकार सोशल मीडिया पर लगाम कसने जा रही है। खबरों के मुताबिक वियतनाम सरकार सोशल मीडिया पर किसी सरकारी संस्था और व्यक्ति विशेष अपशब्द और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले यूजर्स पर जुर्माना लगाएगी।
वियतनाम के मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन ने एक सरकारी फरमान जारी किया है। सरकार के इस फरमान में कहा गया है कि कोई भी इंटरनेट यूजर्स सोशल मीडिया पर गलत व भ्रामक सूचनाओं को उपलब्ध कराता है या किसी भी संस्था या व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है तो उसे 30-50(1300-2200डॉलर) मिलियन वियतनामी डोंग का जुर्माना देना होगा।
वियतनाम के इस नए फरमान के मुताबिक जुर्माने की कार्रवाई ऐसे लोगों के खिलाफ की जाएगी जो यूजर्स किसी संस्था, व्यक्ति विशेष की निजी जानकारी बिना अनुमति के सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे। साथ ही अश्लीलता पोस्ट करने वालों और किसी घटना की जानकारी को गलत तथ्यों के साथ प्रसारित करने वाले यूजर्स पर कार्रवाई होगी।
अंधविश्वास और वियतनाम के रीति-रिवाजों और परंपराओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले लोगों को भी इस दायरे में लाया गया है जिन पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर कोई यूजर किसी दूसरे यूजर की फोटो और निजी जानकारी का इस्तेमाल करते हैं तो उसे 10-20(442-885 डॉलर) मिलियन वियतनामी डोंग का जुर्माना देना होगा।
मिनिस्ट्री ऑथारिटी ऑफ इंफॉरमेशन सिक्यूरिटी के बीते 2016 के आंकड़ो के मुताबिक वियतनाम में करीब 50 मिलियन इंटरनेट यूजर थे जो कि कुल आबादी का 53 फीसदी है।