भारत में नोटबंदी के फैसले के बाद लोग भले ही परेशान हों मगर भारत के बाद वेनेजुएला में लागू की गई नोटबंदी को नागरिकों के भारी विरोध के कारण वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 2 जनवरी तक के लिए टाल दिया है। टेलीविजन पर मादुरो ने कहा कि आप शांतिपूर्वक रुप से 100 बोलिवर के नोट को खरीददारी व अन्य गतिविधियों के लिए अस्थायी तौर पर प्रयोग कर सकते हैं।
हालांकि कोलंबिया और ब्राजील के साथ लगी सीमाएं बंद रहेंगी जिसके लिए उन्होंने दावा किया था कि माफिया वेनेजुएला के पैसों को देश से बाहर ले जा रहे हैं। गौरतलब है कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था में 100 बोलिवर के नोट का हिस्सा 77 फीसदी है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो ने 11 दिसंबर की रात को देश में तत्काल प्रभाव से अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी करेंसी 100 बोलिवर को प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बदले वेनेजुएला सरकार ने 500, 2000 और 20,000 बोलिवर की नयी करेंसी जारी की थी।
लोगों को नोट बदलने के लिए केवल 72 घंटे का समय दिया गया, लेकिन इस अनुपात में नयी करेंसी को उपलब्ध नहीं कराया जा सका। वेनेजुएला की आधी आबादी के पास बैंक खाते नहीं हैं और सरकार ने इसकी कोई जानकारी नहीं जुटाई थी। जिसके कारण नोटबंदी से हर स्तर पर हालात बेकाबू हो गये थे।
दरअसल में अचानक किए गए नोटबंदी के फैसले को वापस लेने का कारण करेंसी बदलाव के उचित इंतजाम ना हो पाना था जिसके कारण वहां अराजकता का माहौल हो गया था। नकदी संकट के बाद लोग खाने-पीने और रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए कार्ड और बैंक ट्रांसफर के जरिए लेनदेन करने के लिए बाध्य हो गए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि दंगों जैसे हालात में चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया जबकि सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की। गवर्नर फ्रांस्वा रंजेल गोमेज ने कहा कि लूट के आरोपों में 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया।