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क्यूबा पर बैन लगाकर अमेरिका से सुधरते रिश्तों पर ट्रंप प्रशासन ने डाला पानी!

Sat, 17 Jun 2017 09:15 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण्ा शुक्ला
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क्यूबा पर बैन लगाकर अमेरिका से सुधरते रिश्तों पर ट्रंप प्रशासन ने डाला पानी! - फोटो : aljazeera
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अमेरिकी सरकार ने क्यूबा पर नए तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। ये प्रतिबंध क्यूबा और अमेरिका के सुधरते रिश्तों पर ट्रंप प्रशासन द्वारा पानी डालने की कोशिश हो सकती है। वैसे भी शताब्दी से भी अधिक समय तक दोनों मुल्कों में तनातनी रही है, पर बराक ओबामा की अगुवाई में अमेरिका के रिश्ते कुछ हद तक क्यूबा के साथ सुधरे थे।
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ट्रंप प्रशासन की तरफ से क्यूबा को घेरने की कोशिश की जा रही है, जिसके तहत अमेरिकियों के क्यूबा घूमने पर रोक लगा दी गई है। अब अमेरिकी टूरिज्म के लिए क्यूबा नहीं जा सकते। पिछले साल क्यूबा पहुंचने वाले विदेशों में अमेरिकी तीसरे नंबर पर रहे थे। पिछले साल 2लाख 85 हजार अमेरिकी नागरिकों ने क्यूबा की यात्रा की थी। इसमें से अधिकतर यात्री शीतयुद्धकालीन ऐतिहासिक जगहों को देखने के लिए पहुंचे थे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि क्यूबा-अमेरिका संबंधों से अमेरिका को फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है। राउल कास्त्रो की अगुवाई वाली क्यूबन सरकार ने अमेरिकी कदमों को निंदा की है, साथ ही कहा कि वो किसी भी तरह से अमेरिकी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि क्यूबन सरकार ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने की बात कही है।

दरअसल, शुक्रवार को अमेरिका ने बराक ओबामा की क्यूबा पॉलिसी को बदल दिया था। जिसके तहत साल 1962 से क्यूबा पर लगे व्यापक प्रतिबंधों पर से ढील दी गई थी। क्यूबा में समाजवादी सरकार है, जो अमेरिकी पूंजीवादी नीतियों की घोर विरोधी है। उसी को सबक सिखाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने ये फैसला किया है। 
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वैसे, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर पहले की तरह व्यापक प्रतिबंधों की घोषणा नहीं की है। हां, अमेरिकियों को क्यूबा यात्रा से रोकने के साथ ही क्यूबन लोगों को अमेरिका से बाहर भेजने की रणनीति में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, ये नीति ओबामा प्रशासन ही ले आई थी। इससे पहले, क्यूबा से किसी भी तरह अमेरिकी धरती पर कदम रख लेने वालों को अमेरिका से बाहर नहीं भेजा जाता था, पर ओबामा प्रशासन के बाद अब ट्रंप प्रशासन ऐसे क्यूबन लोगों को अमेरिका में एक पल भी नहीं रहने देगी।

ट्रंप प्रशासन के इन नए प्रतिबंधों को बावजूद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं टूटे हैं। वो जारी रहेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच से होकर गुजरने वाले अमेरिकी व्यापारिक जहाजों पर भी कोई रोक नहीं लगाई गई है। ट्रंप ने पूर्ववर्ती अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और क्यूबन सरकार के बीच हुई संधि को एकतरफा डील करार देते हुए इसकी आलोचना की थी। 

गौरतलब है कि क्यूबा कभी अमेरिका के लिए सबसे बड़ी मुसीबत रहे सोवियत संघ का साथी रहा है। क्यूबा के अमेरिका से रिश्ते कभी सहज नहीं रहे है। 60 के दशक में क्यूबा में तैनात सोवियत परमाणु मिसाइलों की वजह से पूरी दुनिया शीतयुद्ध कालीन परमाणु युद्ध के काले बादलों से होकर गुजरी थी। हालांकि रूस-सोवियत संघ में समझौते होने की वजह से सोवियत रूस ने अपनी मिसाइलें क्यूबा से हटा ली थी। पर क्यूबा ने अमेरिका के सामने कभी न झुकने की नीति जारी रखी है।
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