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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव आजः आखिरी दौर में वोटर्स को रिझाने में लगे हिलेरी-ट्रंप

Tue, 08 Nov 2016 08:19 AM IST
न्यूयॉर्क से सलीम रिजवी
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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव मंगलवार को भारतीय समयानुसार देर रात को शुरू होंगे। चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप पर थोड़ी बढ़त दिखाई गई है। अब एक ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक हिलेरी क्लिंटन को ट्रंप पर लगभग 5 अंकों की बढ़त हासिल है।
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सर्वेक्षण के मुताबिक हिलेरी क्लिंटन को 44 प्रतिशत और डोनाल्ड ट्रंप को 40 प्रतिशत वोटरों की हिमायत हासिल है। इस चुनाव में बहुत से अमेरिकी वोटर दोनों ही उम्मीदवारों से मायूस नज़र आ रहे हैं। लेकिन बहुत से वोटरों को मजबूरी में इन्हीं दोनों में से एक को चुनना पड़ रहा है।

 अधिकतर लोग डोनाल्ड ट्रंप की प्रवृत्ति और उनके बयानों से परेशान लगते हैं तो हिलेरी क्लिंटन को भी अधिकतर अमेरिकी वोटर विश्वास के काबिल नहीं समझते।  आखिरी चंद दिनों में दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव में अहम समझे जाने वाले प्रांतों में एक के बाद एक चुनावी सभाएं की हैं। इनमें पेनिसिलवेनिया, फ्लोरिडा, ओहायो, मिशिगन और न्यूहैंपशायर भी शामिल हैं।
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अमेरिका के जो अल्पसंख्यक समुदाय हैं उनमें अफ्रीकी अमेरिकी और लातीनी अमेरिकी अधिक संख्या में हैं। अमेरिका में लातीनी मूल के अमेरिकी वोटरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के 2016 के चुनाव में 40 लाख लातीनी वोटरों की बढ़ोतरी हुई है। जहां 2012 में कुल वोटरों में से 23.3 प्रतिशत लातीनी वोटर थे, वहीं इस बार के चुनाव में 27.3 प्रतिशत लातीनी वोटर हैं।

आखिरी वक्त में डांवाडोल वोटरों को खींचने की जद्दोजहद

दोनों उम्मीदवारों की कोशिश यह है कि जिन वोटरों ने अभी तक वोट देने के लिए उम्मीदवार के बारे में मन नहीं बनाया है तो उन्हे अपने खेमे में कर लें। इसके लिए दोनों उम्मीदवार अपनी चुनावी रैलियों में एक दूसरे की खामियों को उजागर करने में लगे हुए हैं।

हिलरी क्लिंटन ने पिट्सबर्ग में एक रैली के दौरान ट्रंप के बारे में वोटरों को चेताया। उन्होंने कहा- जरा सोचिए कि अगर ट्रंप वाशिंगटन में राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले रहे हैं। हम जानते हैं वह कैसे इंसान हैं। वह महिलाओं का अपमान करत हैं।

मजबूर लोगों का मजाक उड़ाते हैं। आप्रवासियों, मुसलमानों के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं। वह सबको जोड़ने के बजाय लोगों में दूरी पैदा करते हैं। जरा सोचिए क्या आप ऐसे इंसान के हाथ में परमाणु बम के कोड देंगे जो छोटी सी बात पर भी भड़क जाता है।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप भी हिलेरी क्लिंटन की खामियों को गिनाते नहीं थक रहे। न्यू हैंपशायर में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा- हिलेरी क्लिंटन ने संसद के सामने झूठ बोला था कि उन्होंने सारी ईमेल विदेश मंत्रालय के हवाले कर दी थीं। और अब हम क्या ऐसे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाएंगे जिसके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हों।

हिलेरी क्लिंटन की चुनावी सभाओं में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उप राष्ट्रपति जो बाइडन भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। फ्लोरिडा प्रांत में अफ्रीकी अमेरिकी और लातीनी मूल के वोटरों की बड़ी  संख्या रहती है और चुनावी गणित में इन दोनों समुदायों का वोट जिस उम्मीदवार की झोली में डल जाए तो उसका बेड़ा पार हो जाता है।
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फिर फ्लोरिडा में ही होगा फैसला!

फ्लोरिडा में कई दिनों से वोटिंग जारी है। लेकिन 2012 में बराक ओबामा की उम्मीदवारी के चुनाव के मुकाबले अश्वेत अमेरिकी अधिक संख्या में वोट डालने नहीं निकल रहे। हिलेरी क्लिंटन अश्वेत अमेरिकी लोगों को विभिन्न मुद्दों पर जैसे गरीबी, बेरोजगारी, नस्ली भेदभाव, न्याय प्रक्रिया में परेशानी जैसे मुद्दों पर अक्सर अपनी नीतियों पर जोर देती रहती हैं।

लेकिन फ्लोरिडा में मुकाबला कांटे का है। एक सर्वेक्षण के अनुसार फ्लोरिडा में हिलेरी क्लिंटन को 49 प्रतिशत वोटरों का समर्थन हासिल है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप को 47 प्रतिशत वोटर समर्थन दे रहे हैं। लगता यही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक बार फिर फ्लोरिडा में ही फैसला होगा।
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