दुनिया के सबसे ताकतवर नौसैनिक बेड़े में से एक अमेरिकी नेवी के सातवें बेड़े के विध्वसंक जहाज की तबाही की खबर आ रही है। यूएस नेवी के सातवें बेड़े के विध्वंसक फिट्जगेराल्ड को मर्चेंट शिप से टकराने की वजह से काफी बड़ा नुकसान हुआ है। फिट्जगेराल्ड पर सवार कमांडिंग ऑफिसर के साथ ही 7 अन्य नौसैनिक इस हादसे में लापता हो गए हैं।
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अमेरिकी नौसेना अधिकारी ने बताया कि इन दो जहाजों में टक्कर जापान के तट पर हुई है। इस हादसे में यूएस नेवी का फिट्जगेराल्ड मिसाइल विध्वंसक जहाज क्षतिग्रस्त हो गया है और 7 अमेरिकी नौसेनिक और एक कमांडिंग अधिकारी भी लापता हो गए हैं। ये नौसेनिक जहाज जापानी बंदरगाह योकोशुका के लिए शुक्रवार को रवाना हुआ था।
जापानी तट पर मौजूद गार्ड के मुताबिक, प्रशांत महासागर में इन दोनों जहाजों में टक्कर शनिवार सुबह 2.30 पर हुई थी। ये टक्कर योकोशुका बंदरगाह से दक्षिण पश्चिम में करीब 56 समुदी मील और इजू प्रायदीप से 12 मील की दूरी पर हुई थी।
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आगे पढ़ें, आखिर जापान के पास क्या कर रहा था फिट्जगेराल्ड?
अमेरिकी नौसेनिक जहाज व्यापारिक जहाज से टकराया
अमेरिकी नौसेनिक
- फोटो : cnn
वहीं, यूएस के 7वें बेड़े के प्रवक्ता के मुताबिक फिट्जगेराल्ड मिसाइल विध्वंसक जहाज का रेडियो रूम भी पूरी तरह से नष्ट हो चुका है और लापता सात नौसेनिकों के जहाज के क्षतिग्रस्त हिस्से में फंसे होने की आशंका है। लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि जहाज के टूटे हुए हिस्से में फंसे लापता नौसेनिकों की तलाश की कबतक जाएगी।
अमेरिकी नौसेना के जापानी प्रवक्ता ने बताया अमेरिकी नौसेनिक जहाज फिट्जगेराल्ड शुक्रवार को नियमित संचालन के चलते अपने सातवें बेड़ें के साथ जापान के योकोशुका बंदरगाह के लिए आ रहा था। इस हादसे के बाद क्षतिग्रस्त जहाज को योकोशुका बंदरगाह पर लाया गया है।
जापान में अमेरिकी नौसेना बलों के सार्वजनिक मामलों के अधिकारी कमांडर रोन फ्लेंडर्स ने बताया कि, इस हादसे में हेलीकॉप्टर से लाए गए तीन घायलों को योकोशुका में अमेरिकी नौसेना अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनकी हालात स्थिर बताई जा रही है।
वहीं, जापानी समुद्री रक्षा बलों के पांच जहाजी बेड़ें उन सात लापता अमेरिकी नौसेनिकों की तलाश में जुट गए हैं। इस सर्च अभियान में जापान और अमेरिका के वायुविमान भी घटनास्थल के उपर मंडरा रहे हैं।
आगे पढ़ें, फिट्जगेराल्ड और यूएस नेवी का सातवां बेड़ा, आखिर जापान के पास क्या कर रहा था फिट्जगेराल्ड, क्यों ये है अमेरिका की शान...
यूएस नेवी का सातवां बेड़ा है अमेरिका की शान
- फोटो : cnn
अमेरिकी नौसेना का सातवां बेड़ा दुनिया में सबसे विध्वंसक नौसैनिक बेड़ा माना जाता है। मौजूदा समय में यूएस नेवी के सातवें बेड़े की तैनाती दक्षिणी चीन सागर में तनातनी और उत्तरी कोरिया की उद्डंता को देखते हुए की गई है। अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े में इतनी ताकत है कि वो किसी भी देश को अकेले अपने दम पर तबाह कर सकता है। आगे पढ़ें, क्या है इसकी मुख्य ताकत...
1- अमेरिकी नौसेना के सातवां बेड़े की तैनाती जापान के योकोसुका पोर्ट के आस पास वाले इलाकों में है। यहां से अमेरिका पूरे प्रशांत महासागरीय व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रख सकता है। ये प्रशांत महासागरीय बेड़े की सबसे बड़ी ताकत है, जो समूचे प्रशांत महासागर वाले इलाके का दादा माना जाता है।
2- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े को ताकत देने के लिए फिट्जगेराल्ड जैसे अलग अलग आकार और ताकतों वाले 70-80 विध्वंसक तैनात हैं।
3- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े की अगुवाई यूएसएस रोनाल्ड रीगन करता है। जो परमाणु शक्ति से लैस दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक सुपर कैरियर है। रोनाल्ड 1 लाख टन से भी ज्यादा वजनी है और एक समय पर 80 लड़ाकू विमानों की तैनाती रखता है। इसके पीछे 70-80 अन्य विध्वंसकों की फौज होती है, जो इसे सपोर्ट देती है।
4- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े के पास हमेशा 300 से अधिक लड़ाकू विमान होते हैं, जो किसी भी परिस्थिति में किसी भी लक्ष्य को तबाह करने की हिम्मत रखते हैं। इस बेड़े पर हमेशा 40 हजार के करीब अधिकारी और सैनिक रहते हैं।
5- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े के पास कोरियाई प्रायद्वीप की हर गतिविधि पर हमले का अधिकार भी दिया गया है। इसके पास साल 1994 से दक्षिण कोरिया की संपूर्ण सुरक्षा का उत्तरदायित्व है।
6- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जापान की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके पास थाईलैंड से लेकर मलेशिया, इंडोनेशिया, सुमात्रा, जावा, कोरिया, चीन के आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। जापान के प्रसिद्ध कमिकेज हमले अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े की कमर तोड़ने के लिए की गई थी।
7- अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने कोरिया युद्ध के साथ ही वियतनाम युद्ध, खाड़ी युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। ताईवान संकट के समय साल 1996 में भी अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने अहम जिम्मेदारी निभाई थी।
8- भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन ने अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े को बंगाल की खाड़ी में भेजा था, पर भारत ने अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े से न डरते हुए पाकिस्तान को बुरी तरह से पराजित किया था। इसके पीछे की वजह भारत-रूस मैत्री समझौता था। भारत-पाक युद्ध के समय अगर अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने भारत पर हमला बोला होता, तो रूस अपने वचन के मुताबिक अमेरिका पर हमला कर देता। इससे जाने अनजाने तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा बन चुका था। अमेरिका को लगता था कि वो अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े को बंगाल की खाड़ी में तैनात करेगा, तो भारत पाकिस्तान पर हमला नहीं बोलेगा। पर भारत किसी भी दबाव में नहीं झुका।