साल 2015 के दौरान विकासशील देशों में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करने में भारत और चीन सबसे आगे रहे। पिछले साल सौर, पवन और ऊर्जा के अन्य अक्षय स्रोतों में निवेश की प्रतिबद्धता के मामले में उभरते देशों ने धनी देशों को पहली बार पीछे छोड़ दिया।
ग्लोबल ट्रेंड इन रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टमेंट शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा तैयार कराई है। इसमें कहा गया है कि भारत, चीन और ब्राजील समेत विकासशील देशों ने पिछले साल नवीकरणीय ऊर्जा की नई क्षमता खड़ी करने के लिए 156 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता जताई। यह 2014 के मुकाबले 19 प्रतिशत अधिक है। दूसरी तरफ, वर्ष 2015 में विकसित देशों का योगदान इस क्षेत्र में आठ प्रतिशत घट कर 130 अरब डॉलर रहा। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल पहली बार विकासशील देशों ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के मामले में विकसित देशों को पीछे छोड़ा है।
इसमें सबसे बड़ा योगदान चीन का रहा जिसने 2015 के दौरान 102.9 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई जो पिछले साल के मुकाबले 17 प्रतिशत अधिक है। चीन ने इस तरह अकेले ही पूरी दुनिया में की गई निवेश की प्रतिबद्धता मेें एक तिहाई से अधिक का योगदान किया। भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करने वाले शीर्ष दस देशों में शामिल है और इसने अपनी निवेश की प्रतिबद्धता 22 प्रतिशत बढ़ाकर 10.2 अरब डॉलर किया है।