यूनिसेफ ने बुधवार को कंबोडिया की लाचार और गरीब महिलाओं के दूध को अमेरिकियों को बेचे जाने के लिए एक कंपनी की आलोचना की है। यूनिसेफ का कहना है कि इस देश में जहां शिशुओं को आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत है, वहीं कंपनियां मदर मिल्क के व्यवसाय में जुटी हैं।
यह मामला इस हफ्ते ही तब सुर्खियों में आया जब कंबोडिया ने यूटा स्थित कंपनी अम्ब्रोसिया लैब्स से दूध के निर्यात पर रोक लगा दी। इससे पहले कंपनी ने दावा किया था कि यह अपने तरह का पहला मानव ब्रेस्ट मिल्क बैंक खोला है, जो विदेशी महिलाओं के मिल्क को एकत्र कर अमेरिका को निर्यात किया जाता है। इस कंपनी के ग्राहक अमेरिकी माताएं हैं, जो अपने शिशुओं के लिए आहार सप्लीमेंट चाहती हैं या जिनको खुद की दूध की आपूर्ति ज्यादा नहीं होती है।
मदर मिल्क को कंबोडिया में निकाला जाता और उसके बाद से फ्रीज किया जाता है और फिर इसे अमेरिका भेज दिया जाता है, जहां इसको पाश्चुराइड कर 20 डॉलर प्रत्येक 147 मिलीलीटर के दर से बेच दिया जाता है। हालांकि इस पर कंबोडिया के स्वास्थ्य मंत्री माम बुनहेंग ने कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।