पत्नी की जिदंगी के आखिरी पलों में उसका साथ देने वाले एक पति ने उसकी लाश के साथ एक ही कमरे में छह दिन बिताए। उसने दर्दनाक अनुभव शेयर करते हुए ये बताया है। ये मामला ब्रिटेन का है, जहां 50 साल की वैंडी डेविजन ने 10 सालों तक कैंसर का सामना किया। वैंडी की मौत पिछले महीने ही हुई है।
पति रसल डेविजन ने बताया कि वो वैंडी को खुद से अलग नहीं होने देना चाहता था, इसलिए उसकी लाश के साथ इतने दिनों तक कमरे में रहा। उसने कहा कि वो अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार नहीं चाहता है। दिन से टूटे रसल ने कहा कि वो वैंडी को अपने साथ रखेगा और उसकी देखभाल करेगा, ताकि वे एक ही कमरे में सो सके।
साल 2006 में जब दंपत्ति ने अपनी 40वीं सालगिरह मनाई तो रसने ने वैंडी के इलाज को लेकर नेचुरल तरीके अपनाने पर जोर दिया। और उसने किमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी से मना कर दिया। करीब 8 साल बाद जब 2014 में वैंडी को बताया गया कि उसके पास ज्यादा समय नहीं है, तो दंपत्ति ने यूरोप घूमने का फैसला कर लिया।
लेकिन कुछ समय बाद वैंडी की हालत बिगड़ने लगी और उसे अस्पताल में दाखिल होने के लिए कहा गया। रसल ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय घर में ही आखिरी पल बिताने जिद पकड़ ली। इसके बाद वैंडी ने 21 अप्रैल को रसल के सामने आखिरी सांस ली। रसल पर वैंडी का प्यार इस कदर हावी था कि उसने उसकी लाश के साथ ही रहने का फैसला किया। कुछ समय तक उसे ये अनुमति दे दी गई।