संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अगर किसी ने कतर के लिए सहानुभूति जताई, तो उसे 15 साल जेल की सजा दी जाएगी। संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी-जनरल ने कहा है कि कतर के समर्थन में सोशल मीडिया पर किसी भी किस्म का संदेश पोस्ट करना अब साइबर क्राइम माना जाएगा।
UAE कतर के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का कर चुका है ऐलान
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सोमवार को सऊदी अरब, मिस्र, बहरीन, यमन, लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का ऐलान किया था। तभी से कतर अपने नागरिकों के लिए खाने-पीने की सामग्री हवाई रूट के जरिए ईरान और तुर्की से मंगा रहा है।
ट्रंप की चेतावनी-
donald trump
मध्य-पूर्व के देशों के बीच बनी इस ताजा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए जर्मनी के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यह मध्य पूर्व की राजनीति का 'ट्रम्पिफिकेशन' है, जो इन देशों के लिए सही नहीं है। कतर का विरोध कर रहे सभी 6 मुस्लिम देशों ने कतर के विमानों पर अपने हवाई क्षेत्र में उड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, कतर और सऊदी अरब के बीच इस संकट को हल करने का प्रयास लगातार जारी है। कुवैत के अमीर इन देशों के बीच मध्यस्थता का नेतृत्व कर रहे हैं। जबकि कतर के विरोध में खड़े सभी खाड़ी देशों का आरोप है कि कतर लगातार कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहा है, जो उनके लिए खतरा हैं।
मामले में मंगलवार शाम अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए यह दावा किया था कि उनके कहने पर ही मुस्लिम देश कतर से अलग हुए हैं।
During my recent trip to the Middle East I stated that there can no longer be funding of Radical Ideology. Leaders pointed to Qatar - look!— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) June 6, 2017
कतर और 6 मुस्लिम देशों के बीच हुए विवाद के कारण तेल की कीमतों, हवाई कीमतों और खानपान की सामग्री पर प्रभाव पड़ा है।