स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में दो सिख ग्रंथियों को 26-वर्षीय एक वेश्या के साथ उसके मना करने के बावजूद संबंध बनाने के आरोप में कुल बारह साल की कैद की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों में से तीस वर्षीय गुरनाम सिंह को सात साल और 36 वर्षीय सुखदेव सिंह को पांच साल की सजा सुनाई गई है। दोनों को बलात्कार के दोषी कैदियों के साथ रखा जाएगा।
इसके अलावा सजा पूरी करने के बाद इन्हें भारत वापस भेज दिया जाएगा। अक्टूबर में इन दोनों अभियुक्तों को एडिनबर्ग स्थित उच्च न्यायालय ने दोषी पाया था। सजा सुनाते हुए जज लॉर्ड पेंटलैंड ने एक महिला को गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए साइकिल चालक एलन ह्वाइट की प्रशंसा की।
विवाहित
सजा पाए दोनों ग्रंथी विवाहित हैं और दोनों के ही तीन-तीन बच्चे हैं जो कि भारत में ही रहते हैं। ये दोनों भी हाल ही में स्कॉटलैंड गुरुद्वारे में पाठ कराने के लिए गए थे। पीड़ित युवती ने अदालत को बताया था कि ये लोग उसके पास आए थे और उसने उनके साथ जाने से मना कर दिया था।
उसका कहना है कि बावजूद इसके इन लोगों ने युवती का पीछा किया और उसे एक नाइट क्लब के पास सुनसान जगह पर ले गए। लॉर्ड पेंटलैंड ने एडिनबर्ग स्थित उच्च न्यायालय को बताया, “अकेले होते हुए भी एलन ने युवती को बचाने की पूरी कोशिश की और उसे सुरक्षित जगह पर ले गए।” गुरनाम सिंह इसके अलावा भी एक और यौन दुर्व्यवहार में दोषी पाया जा चुका है।