कीनिया की राजधानी नैरोबी के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में बंदूकधारियों के हमले में 68 लोगों की मौत हो गई है।
मरने वालों में दो भारतीय भी हैं, जिनमें से एक श्रीधर नटराजन हैं। इस घटनाक्रम में उनकी पत्नी मंजुला घायल हो गई थीं, जिनकी हालत बेहद गंभीर है।
कीनिया के राष्ट्रपति उहुरू केन्याटा ने कहा है कि मरने वालों में उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल हैं। बंदूकधारियों ने अभी भी कुछ लोगों को बंधक बनाकर रखा हुआ है।
भारतीय परिवार का बयान
मंजुला की बहन विद्या कृष्णन ने दिल्ली से जारी एक बयान में कहा है, "हमें यह बताया गया है कि मंजुला की हालत गंभीर है जबकि उनके पति श्रीधर नटराजन की गोली लगने से मौत हो गई। हमारे परिवार के लिए यह बड़ी मुश्किल घड़ी है। हम ज़्यादा जानकारी पाने की कोशिश कर रहे हैं। हम विदेश मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं जो पूरी तरह से हमारा सहयोग कर रहे हैं। इस मुश्किल वक्त में अगर हमारी निजता का ख़्याल रखा जाए तो बेहतर होगा।"
सोमाली चरमपंथी संगठन गुट अल-शबाब के एक वरिष्ठ नेता ने बीबीसी को बताया है कि इस हमले के पीछे उसका हाथ है।
अल-शबाब के अल-कायदा से संबंध हैं। गुट के अनुसार ये हमला सोमालिया में कीनिया की मौजूदगी के जवाब में किया गया। सोमालिया में कीनिया की फ़ौजें वर्ष 2011 से चरमपंथियों के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रही हैं।
बंदूकधारियों ने शहर के सबसे खास शॉपिंग सेंटरों में से एक वेस्टगेट सेंटर पर हमला कर दिया। दर्जनों दुकानदार वहां से भाग गए, जबकि कई लोग अभी भी शॉपिंग सेंटर के अंदर फँसे हुए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि शुरू में ये लूटपाट का मामला लग रहा था लेकिन बाद में ये पूरी तरह से चरमपंथी हमले की तरह दिखने लगा।
सोमालिया के चरमपंथी समूह अल-शबाब ने कुछ दिनों पहले ही हमले की धमकी दी थी।
विदेश मंत्रायलय के प्रवक्ता सैयद अकबरउद्दीन ने एक ट्वीट में लिखा कि घटनास्थल पर मौजूद दो भारतीय राजनयिकों से मिली जानकारी के अनुसार घटना में दो भारतीय मारे गए हैं जबकि चार घायल हुए हैं।
अल-शबाब
अल-शबाब सोमालिया में कीनिया द्वारा अपने सैनिक भेजने का विरोध कर रहा था।
अधिकारियों ने पूरी इमारत को घेर लिया है ताकि बचे हुए दुकानदारों को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके। घटनास्थल के पास ही एक सैनिक हेलीकॉप्टर को भी उतारा गया है।
पुलिस ने एएफपी न्यूज़ एजेंसी को बताया कि बंदूकधारियों ने कम से कम सात लोगों को बंधक बना लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों का भी कहना था कि कुछ लोग अभी भी उनके कब्जे में हैं लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
हमले में दर्जनों लोगों के घायल होने की भी खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने पहले ग्रेनेड से हमले किए और उसके बाद गोलीबारी शुरू कर दी।
हमले के करीब छह घंटे के बाद कीनिया के गृह मंत्री जोसेफ ओले लेंकू ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।