अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्यापार को लेकर जापान पर जमकर बरसे। उन्होंने दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में निष्पक्षता की जरूरत बताई। टोक्यो में सोमवार को बिजनेस लीडर्स से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बीते दशकों में जापान व्यापार के मामले में आगे निकला है।
उन्होंने जापान से अमेरिका में कारों का ज्यादा निर्माण करने की बात कही। अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे वक्त में आया, जब वो एशिया के 12 दिनी दौरे की शुरुआत कर रहे थे। माना जा रहा है कि इस दौरे में उत्तर कोरिया और व्यापार का मुद्दा हावी रहेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जापान के हाथों अमेरिका कई सालों से भारी व्यापारिक घाटा झेल रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी और जापानी अधिकारियों के समूह से बात करते हुए कहा, "हम मुक्त और पारस्परिक व्यापार चाहते हैं, लेकिन जापान के साथ हमारा व्यापार ऐसा नहीं है। मुझे उम्मीद है जल्दी ही ऐसा होगी। इसके लिए हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है।"
हालांकि उन्होंने अमेरिकी सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए जापान की सराहना की। जापान, चीन के बाद अमरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। ट्रंप ने ये भी कहा कि वो चाहते हैं कि अमेरिका निवेशकों और रोजगार देने वालों के लिए सबसे आकर्षक देश बने।
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व्यापारिक संबंध
अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक 2016 में जापान ने अमेरिका के साथ 69 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त व्यापार किया। क्षेत्रीय मुक्त व्यापार संधि से अमेरिका के बाहर आने के बाद दोनों देशों व्यापार को लेकर नए रोडमैप पर काम कर रहे हैं।
लेकिन संधि में बरकरार 11 देश, अमेरिका के बिना ही समझौते पर वार्ता के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
मेड इन अमेरिका
राष्ट्रपति ट्रंप ने जापान के कार निर्माताओं से अमेरिका में कारों का निर्माण करने की बात कही। लेकिन गैर लाभकारी व्यापार समूह, जापान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक उनकी ज्यादातर कारों का निर्माण अमेरिका में ही होता है।
संस्था के मुताबिक, 2016 में अमेरिका में बिकने वाली जापान की एक तिहाई ब्रांडेड कारें उत्तरी अमेरिका में ही बनाई गईं थी। पिछले साल करीब चालीस लाख गाड़ियों और सैंतालिस लाख इंजनों का निर्माण अमेरिका में किया गया।
24 उत्पादन इकाईयों, 43 रिसर्च और डेवेलपमेंट और डिजाइन सेंटर के जरिए अमेरिका में 45.6 बिलियन डॉलर का निवेश आया।