कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शनिवार को एक नन्हे जस्टिन ट्रूडो से मिले। नन्हे जस्टिन एक सीरियाई शरणार्थी की संतान हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करने के लिए अपने बेटे का नाम उनके नाम पर रख दिया था। कनाडा ने गृहयुद्ध प्रभावित सीरिया के इस परिवार को शरण दी है। ढाई साल के नन्हे जस्टिन का पूरा नाम जस्टिन ट्रूडो एडम बिलान है। शनिवार को 'कैलगरी स्टैम्पीड' ब्रेकफास्ट के दौरान जब नन्हे जस्टिन प्रधानमंत्री जस्टिन से मिले तो वो चैन से सो रहे थे।
नन्हे जस्टिन का जन्म मई में कैलगरी में हुआ था। युद्धग्रस्त सीरिया को छोड़ कर कई महीनों पहले उनके माता-पिता यहां आ कर बस गए थे। वो मूल रूप से सीरिया की राजधानी दमिश्क के निवासी थे। बीते साल फरवरी में वो मॉन्ट्रियल आए थे। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सीरियाई शरणार्थियों से मिलने एयरपोर्ट आते हैं, लेकिन किसी कारण वो मॉन्ट्रियल नहीं आ सके थे। लेकिन नन्हे जस्टिन के माता-पिता मोहम्मद और आरफा बिलान को लगा कि उन्हें प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करने के लिए कुछ करना चाहिए, तो उन्होंने अपने नए जन्मे बच्चे का नाम उनके नाम पर रख दिया।
नवंबर 2015 से जनवरी 2017 के बीच 40,000 से अधिक सीरियाई शरणार्थियों को कनाडा ने पनाह दी है। इनमें से करीब 1,000 शरणार्थी कैलगरी में बस गए हैं। इस साल जनवरी में अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सात मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले शरणार्थियों पर रोक लगा दी थी। उस वक्त कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने "युद्ध और आतंकवाद से भाग रहे लोगों" की मदद करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी। फरवरी में ओंटेरियो में प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करने के लिए एक अन्य सीरियाई दंपति ने भी अपने बेटे का नाम जस्टिन रखा था।