बांग्लादेश पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के आरोप में तीन रोहिंग्या और एक बांग्लादेशी को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी म्यांमार से बांग्लादेश में मेथमफेटामाइन की 8 लाख गोलियों की तस्करी की कोशिश में थे।
पड़ोसी म्यांमार के हिंसाग्रस्त रखाइन राज्य से भागकर आने वाले रोहिंग्या की बड़ी संख्या से निपटने के लिए बांग्लादेश को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। बांग्लादेश के रैपिड एक्शन बटालियन (रैब) के अधिकारियों ने बुधवार को नेफ नदी के किनारे से इन चार आरोपियों को पकड़ा।
ये भी पढ़ें- रोहिंग्या मुसमानों पर UN चीफ गुटेरेस ने जताई चिंता, म्यांमार सरकार से की बातचीत
यह नेफ नदी दोनों देशों को अलग करती है। रैब के एरिया कमांडर मेजर राहुल अमीन ने कहा कि याबा (मेथमफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण) गोलियों की तस्करी का प्रयास करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से तीन म्यांमार के रोहिंग्या हैं जबकि एक बांग्लादेशी है।
अमीन ने कहा कि उनके पास 8 लाख याबा गोलियां थीं। उन्होंने बताया कि इन याबा गोलियों का उत्पादन म्यांमार के सीमाई इलाकों में बाथरूम आकार की प्रयोगशालाओं में होता है। वे म्यांमार से याबा लेकर आए थे। यह बांग्लादेश के युवाओं में काफी मशहूर है। इनमें से दो रोहिंग्या हाल ही में आए थे जबकि एक अन्य बहुत पुराने समय से रिफ्यूजी है।