ब्रिटेन के युवा मुसलमान सेक्स की चाहत में आईएस में शामिल हो रहे हैं। इसका कारण यह है कि ब्रिटेन के खुले समाज में भी वो खुद को अकेला महसूस करते हैं और बाकी युवाओं की तरह गर्लफेंड नहीं बना पाते।
यह बात पूर्व इस्लामवादी अलयास करमानी ने कही। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन युवाओं को कट्टर पंथी बनाना चाहते हैं जो एक बड़ा जोखिम हैं।
अलयास पहले एक कट्टरपंथी थे लेकिन अब वे एक ब्रैडफोर्ड उपदेशक के रुप में युवा ब्रिटिश मुस्लिम के बीच जा रहे हैं, ताकि वो मुस्लिम युवाओं को आईएस में जाने से रोक सकें।
अकेलापन महसूस करते हैं युवा
ब्रिटेन के आईटीवी पर प्रसारित एक कार्यक्रम एक्सपोजर जिहाद-ए-ब्रिटिश सोसाइटी में उन्होंने कहा कि आईएस में जाने का उनका उद्देश्य केवल सेक्स ही है। ये लड़के सिर्फ और सिर्फ लड़कियां ही चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि परंपरावादी मुस्लिम परिवार में बच्चे खुल कर सेक्स की बात नहीं कर पाते, जिस वजह से ऐसे कदम उठा रहे हैं। करमानी के मुताबिक युवाओं की परवरिश ऐसे माहौल में हो रही है।
जहां उन्हें यह सख्त निर्देश होते हैं कि उन्हें शादी से पहले सेक्स नहीं करना है, गर्लफ्रेंड नहीं बनानी है।लेकिन यह एक अपराध है यह उस युवा के लिए बड़ी रोक टोक है जिसकी परवरिश सेक्सुलाइज्ड समाज में हो रही है।
रोक टोक पैदा कर रहे हैं रोग
ऐसी रोक टोक उन्हें हीनभावना का शिकार बना देती है कि सामने वाला ऐसा कर सकता है लेकिन मैं नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे रोक टोक मुस्लिम समुदाय में यौन रोग बढ़ा रहे हैं।
अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान अलयास मुस्लिम युवाओं और उनके परिवारीजनों से मुलाकात कर रहे हैं।
वो उनसे यह भी अपील कर रहे हैं कि आप यह देखें कि आपका बच्चा अकेला नहीं है। अलयास का कहना है कि परिवारीजनों को अपने बच्चों पर प्यार करना चाहिए।