बीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास बीसी प्रधान के अनुसार भारत नेपाल के साथ रेल, पानी और कृषि क्षेत्र के माध्यम से जुड़ना चाहता है। कुछ जगहों में इन परियोजनाओं की घोषणा भी हो सकती है। नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के हालिया भारत दौरे में हुए समझौते और घोषणा के कार्यान्वयन के विषय में भी मोदी की इस यात्रा के दौरान विचार विमर्श होगा।
अटल बिहारी वाजपेयी भी जनकपुर पहुंचे थे
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी विपक्षी दल के नेता रहते वक्त 26 साल पहले जनकपुर पहुंच कर जानकी मंदिर के दर्शन किए थे। वाजपेयी ने एक रात जनकपुर में ही बिताई थी और स्थानीय लोगों को संबोधित भी किया था।
‘पड़ोसी पहले’ की नीति को दर्शाती यात्रा
पीएम मोदी ने अपनी दो दिवसीय नेपाल यात्रा को अपनी सरकार की पड़ोसी पहले की नीति के प्रति प्रतिबद्ध्ता के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने कहा कि 'हिमालयी राज्य नए युग में प्रवेश कर चुका है। भारत उसका मजबूत साथी बना रहेगा। यह भारत और व्यक्तिगत रूप से मेरी प्राथमिकता को दिखाता है कि हम अपने दशकों पुराने और करीबी मित्र नेपाल से जुड़े रहना चाहते हैं। उच्च स्तरीय और नियमित संपर्क हमारी सरकार की ‘पड़ोसी पहले’ की प्राथमिकता को दिखाते हैं।'