दक्षिण कोरिया की ओर से शांति वार्ता का प्रस्ताव भेजे जाने को उत्तर कोरिया के मुख्य अखबार ने मूर्खतापूर्ण करार दिया है। अखबार के संपादकीय में दक्षिण कोरिया के कदम की निंदा करते हुए लिखा गया कि एक तरफ तो वह उत्तर कोरिया से शांति की बात कर रहा है जबकि दूसरी तरफ उसके खिलाफ नीतियां भी बना रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने करीब तीन साल से सीमा पर चल रही तनातनी के बीच पहली बार उत्तर कोरिया से सीधी बातचीत की पहल की है।
इसके साथ ही दक्षिण कोरिया ने यह भी कहा कि वह उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी तरह के उकसावे वाली कार्रवाई पर भी नजर रख रहा है। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं जिनमें कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया एक और लंबी या मध्यम दूरी की मिसाइल के टेस्ट की तैयारी में जुटा है। इसी साल मई महीने में कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्रपति मून ने उत्तर कोरिया से बातचीत की पहल शुरू की थी। बर्लिन में अपने भाषण में मून ने कहा कहा कि वे सीमा पर शांति के लिए किम-जोंग-उन से मिलने को तैयार हैं।
इसी महीने जर्मनी में हुए जी20 सम्मेलन में अेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कहा था कि उत्तर कोरिया पर कुछ किया जाना चाहिए। इस पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वह कोरिया प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने का समर्थन करते हैं। इसके पहले ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद उत्तर कोरिया को सुधर जाने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने अपने बयान में कहा था कि 'उत्तर कोरिया को जल्द रास्ते पर आ जाना चाहिए'। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर उत्तर कोरिया का मुकाबला करने की बात कही थी।