मिस्र के मशहूर व्यंग्यकार बासेम युसुफ़ के टेलीविजन शो का प्रसारण बंद कर दिया गया है। इस शो को बंद करने का फरमान उस वक्त जारी हुआ जब इस शो के प्रसारण में चंद पल ही बाक़ी थे।
निजी चैनल सीबीसी ने कहा कि युसुफ़ ने संपादकीय नीतियों का पालन नहीं किया और वह ज्यादा पैसे की मांग भी कर रहे थे।
एक हफdते पहले युसुफ के अल-बर्नामेग (प्रोग्राम) शो में देश की ताकतवर सेना का मजाक उड़ाया गया था जिसके बाद इस टेलीविजन शो को लेकर शिकायतों की तादाद बढ़ गई थी।
इस फैसले से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंध से चिंताएं बढ़ेंगी। सीबीसी चैनल ने शुक्रवार की शाम एक बयान जारी कर इस फैसले की घोषणा की।
इसमें यह कहा गया कि बर्नामेग के नए एपिसोड में यह देखने को मिला कि कार्यक्रम के प्रस्तोता और उसके निर्माताओं ने संपादकीय नीति का उल्लंघन करने की कोशिश की है।
हालांकि इस बयान में ऐसा कोई ब्योरा नहीं है कि नीति का उल्लंघन कैसे किया गया लेकिन इसमें यह ज़रूर कहा गया कि राजनीतिक व्यंग्य पर आधारित इस शो का प्रसारण तब तक नहीं किया जाएगा।
जब तक कि समस्या का हल ना निकल जाए।
घर-घर में मशहूर
पिछले हफ्ते युसुफ के शो में मिस्र की सेना और इसके सेना प्रमुख जनरल अब्देल फतह अल सिसि निशाने पर थे।
इस शो के विवादास्पद प्रस्तोता ने व्यंग्य से कहा था कि चॉकलेट पर सेना प्रमुख की तस्वीरें बनाई जा रही हैं। कई दर्शकों ने इस शो की शिकायत की और बाद में मिस्र के सरकारी वकील ने भी जांच की मांग कर डाली।
मार्च में इस विवादास्पद व्यंग्यकार को ज़मानत पर रिहा किया गया था। उन पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने कथित तौर पर इस्लाम और जुलाई में सेना द्वारा अपदस्थ किए गए तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का अपमान किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से पूछताछ किए जाने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा गया गया था। अदालत ने उनके शो पर प्रतिबंध लगाने वाले एक मुक़दमे को अप्रैल में खारिज कर दिया।
बासेम युसुफ़ पेशे से एक डॉक्टर हैं और वह इंटरनेट पर डाले गए अपने उन शौकिया तौर पर तैयार किए गए वीडियो से मशहूर हुए जिसमें सार्वजनिक हस्तियों का मज़ाक उड़ाया गया।
इसके बाद बगावत होने लगी और आखिरकार फरवरी 2011 में होस्नी मुबारक का शासन खत्म हुआ। जब उनके व्यंग्य शो का प्रसारण शुरू हुआ तो उनका नाम घर-घर में मशहूर हो गया और उनके शो को अमरीका में प्रसारित होने वाले जॉन स्टीवॉर्ट के दि डेली शो की उपमा दी जाने लगी।